फिटनेस कर प्रमाण-पत्र कैसे जारी कर दिया
वैन में क्षमता से अधिक सवारियां मिली थीं। प्रवर्तन अधिकारियों ने चालान कर इसे सीज कर दिया था। यह वैन आवास विकास नौबस्ता निवासी मूलचरण की है। मामला कमिश्नर तक पहुंचा, तो उन्होंने अपने स्तर से जांच कराई। सवाल यह उठा कि जो वाहन 10:45 बजे हमीरपुर थाने में बंद की गई थी, उसका उसी दिन दो बजे फिटनेस कर प्रमाण-पत्र कैसे जारी कर दिया गया। जांच में अजीत सिंह की भूमिका संदिग्ध मिलने पर कमिश्नर ने उन्हें निलंबित कर दिया। अभी किसी अन्य की तैनाती नहीं की गई है।