हैकरों से पुराना है गठजोड़, दबा दी गई थी जांच
दस महीने पहले एटीएम हैकर अमित चौहान पकड़ा गया था। इसमें क्राइम ब्रांच में तैनात रहे सिपाही राजीव यादव व प्रबल प्रताप का नाम सामने आया था। दोनों के खिलाफ जांच एडीसीपी क्राइम को सौंपी गई थी। इस बीच राजीव यादव का श्रावस्ती तबादला हो गया था। विवाद के एक महीने पहले प्रबल को भी क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया था। इसके बाद उसके खिलाफ चल रही जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई।
पश्चिम जोन में चल रहा बड़ा खेल
पांच महीने में करीब 30 पुलिसकर्मियों को क्राइम ब्रांच से हटाया गया। अलग-अलग जोन में तैनाती दी गई। पश्चिम जोन में जो पुलिसकर्मी भेजे गए, उनको थानों में तैनाती नहीं दी गई। वे खुद को क्राइम ब्रांच या प्राइवेट टीम में बताकर दबिश दे रहे हैं।
मामला बेहद गंभीर है। जांच कराई जा रही है। जिन-जिन के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। बिना तैनाती अगर कोई पुलिसकर्मी क्राइम ब्रांच या प्राइवेट टीम में खुद को बताकर दबिश देता है तो उस पर भी कार्रवाई होगी। - बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर