खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बृहस्पतिवार को हैलट, डफरिन, कांशीराम और अपर इंडिया जच्चा-बच्चा अस्पताल की कैंटीन में छापा मारा। खाद्य पदार्थ के नमूने लिए। निरीक्षण के दौरान गंदगी और ड्रेनेज लीकेज समेत कई खामियां मिलें। इस पर इन्हें 14 दिन में दूर करने के निर्देश दिए।
विशेष अभियान के तहत प्रदेश के 42 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और 150 जिला एवं अन्य राजकीय चिकित्सालयों से संबद्ध भोजनालयों और कैंटीनों की जांच की गई है। खाद्य विभाग ने भोजन बनाने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, पेस्ट कंट्रोल, पेयजल, बर्तन और उपकरणों की सफाई, जल निकासी, कचरा निस्तारण तथा तैयार भोजन के परिवहन और वितरण की भी जांच की। मरीजों की चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी देखी गई। खाद्य विभाग ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों और निदेशकों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिन का समय दिया है। कहा कि सुधार न होने पर भोजनालय या कैंटीन का लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित किया जा सकता है।