कानपुर में एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक रोगी को 20 साल तक पेट दर्द झेलना पड़ा। झोलाछाप ने ऑपरेशन के लिए चीरा तो लगाया लेकिन गाॅल ब्लैडर और पथरी नहीं निकाली। हैलट में जांच के बाद इसका खुलासा हुआ बुधवार को सर्जरी विभाग में उसकी दूरबीन विधि से ऑपरेशन कर पथरी निकाली गई।
कानपुर देहात के अकबरपुर निवासी 45 वर्षीय रोगी ने 20 साल पहले एक नर्सिंग होम में गाॅल ब्लैडर का ऑपरेशन कराया था। उस समय डॉक्टर ने उसे एक पथरी दिखाकर कहा कि सर्जरी हो गई है। रोगी के पेट पर 12 सेमी लंबा चीरा भी लगाया गया था। ऑपरेशन के बाद भी रोगी को लगातार दर्द बना रहा। उसने कई जगह दिखाया, लेकिन उसे कहीं भी आराम नहीं मिला। रोगी का कहना है कि वह उस नर्सिंग होम का नाम भूल गया है।