24 नवंबर को आनी थी बारात
राजू सिंह के घर में इन दिनों उत्सव का माहौल था। बेटी रीतिका के हाथ पीले करने की तैयारियां जोरों पर थीं। पिता दिन-रात मेहनत कर शादी के खर्च जुटा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस हाथ से कन्यादान करना था, वह हाथ हमेशा के लिए शांत हो गया। अब शादी वाले घर में केवल सिसकियां गूंज रही हैं।
परिजनों का गंभीर आरोप: साठगांठ का खेल?
हादसे के बाद जहां एक तरफ परिवार सदमे में है, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मृतक की पत्नी कुंती और बेटे हिमांशु का सीधा आरोप है कि पुलिस ने रात में ट्रक ड्राइवर को पकड़ा था, लेकिन बाद में साठगांठ कर उसे छोड़ दिया। परिजनों ने अब उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।