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Kanpur: अब तो आंखें खोलिए…खुलेआम नाले से गंगा में बहा रहे दूषित पानी, अफसर बोले- नई कंपनी से शुरू कराएंगे काम

Fri, 02 May 2025 12:09 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नगर निगम और टेनरी संचालक इसके लिए धन देते थे, पर करोड़ों रुपये बकाया और अनुबंध खत्म होने के बाद गंगा इंफ्राबिल्ट ने काम बंद कर दिया। नई कंपनी का चयन कर काम शुरू कराया जाएगा।
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चोर नाले से गंगा में जाता सीवर का पानी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सरकार की कोशिशों के बाद भी दूषित पानी गंगा में जाना बंद नहीं हो रहा है। जाजमऊ स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से 24 घंटे से दूषित पानी ओवरफ्लो होकर गंगा में जा रहा है। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे एसटीपी का 36 एमएलडी प्लांट अचानक बंद हो गया। पीछे से लगातार दूषित पानी आ रहा था। इसमें टेनरियों का भी कुछ वेस्ट शामिल होने की आशंका है।

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इस गंदे पानी को 130 एमएलडी के प्लांट में भेजा जाने लगा। एकदम से दबाव पड़ने पर प्लांट की टीएसटी और एफएसटी ओवरफ्लो हो गई। इस पर दूषित पानी बिना शोधित हुए ही चोर नाले के माध्यम से सीधे गंगा में जा रहा है। गुरुवार को भी यही स्थिति रही। गुरुवार रात तक 24 घंटे से ज्यादा हो चुके थे और प्लांट बंद था। इस वजह से अब तक करीब 150 मिलियन लीटर गंदा पानी सीधे गंगा में गया।

गंगा में जाता सीवर का पानी - फोटो : amar ujala
टीम पहुंची सर्वे करने
अमर उजाला की खबर के बाद जल निगम की टीम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में सर्वे करने पहुंची। टीम ने प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट बनाई जा रही है, जिसके बाद शुक्रवार को एक और टीम आकर जांच करेगी।
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गंगा में जाता सीवर का पानी - फोटो : अमर उजाला

एसटीपी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों का संचालन और रखरखाव जल निगम केआरएमपीएल से कराता है। इसी परिसर में स्थित 36 एमएलडी प्लांट में पहले टेनरी वेस्ट भी आता था, जिसका संचालन गंगा इंफ्राबिल्ट कंपनी करती थी। नगर निगम और टेनरी संचालक इसके लिए धन देते थे, पर करोड़ों रुपये बकाया और अनुबंध खत्म होने के बाद गंगा इंफ्राबिल्ट ने काम बंद कर दिया। नई कंपनी का चयन कर काम शुरू कराया जाएगा। जांच करने गए थे, इसकी रिपोर्ट भेजी जा रही है।  -अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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