कानपुर के बाबूपुरवा थाने में 2019 में दर्ज हुए तीन तलाक, छेड़छाड़ के मुकदमे में पुलिस की आरोपी पक्ष से सांठगांठ के आरोप पर आखिर विराम लग गया। रिपोर्ट दर्ज होने के सवा साल बाद आखिर कोर्ट के आख्या तलब करने पर बाबूपुरवा सीओ कार्यालय से कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी पड़ी।
आरोपी पक्ष से पुलिस की सांठगांठ के आरोप के चलते अधिकारियों ने पांच विवेचक बदले थे। जांच कर रहे रेलबाजार सुजातगंज चौकी इंचार्ज राजेश सिंह ने पति समेत सभी आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाते हुए उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने की धारा की भी बढ़ोतरी की है।
पीड़िता ने नवंबर 2019 में पति, सास, ससुर, देवर, दो ननदों और उनके पति के खिलाफ तीन तलाक, मारपीट, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। चार्जशीट न लगने पर पीड़िता ने इसी साल 4 फरवरी को कोर्ट से गुहार लगाई थी। इस पर सीओ ने कोर्ट के आख्या मांगे जाने पर छह फरवरी को चार्जशीट दाखिल कर दी।