उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस का एक रहमदिल चेहरा सामने आया है। आर्थिक तंगी से परेशान होकर जान देने पहुुंची महिला की पुलिस वालों ने न केवल जान बचाई, बल्कि उसकी प्राइवेट नौकरी लगवाकर जीने की राह भी दिखाई।
महिला ने इसके लिए रायपुरवा पुलिस का शुक्रिया अदा किया है। रायपुरवा थाना प्रभारी राज कुमार ने बताया कि रायपुरवा झंडा वाली गली में रहने वाली मोनिका गुप्ता रविवार देर रात दो बच्चों दिव्यांशु (6) और लवी (4) के साथ जीटी रोड पर खड़ी थी।
वह किसी वाहन के सामने कूदने की फिराक में थी। गश्त कर रही पुलिस ने शंका होने पर पूछताछ की तो महिला रो पड़ी। उसने बताया कि पति महेशचंद्र गुप्ता ई-रिक्शा चलाते हैं। उन पर दो लाख का कर्जा है। इस कारण अपनी मां को लेकर घर छोड़कर कहीं चले गए।
इसके बाद मकान मालिक ने घर की बिजली काट दी। बच्चों का पेट भरने तक के पैसे नहीं हैं। ऐसे में जान देने के अलावा उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा। पुलिस महिला को थाने लाई और उसे समझाया। इसके बाद थाना प्रभारी ने महिला की सात हजार रुपये प्रतिमाह की प्राइवेट नौकरी लगवा दी।