पिंटू सेंगर हत्याकांड में जेल में बंद अधिवक्ता दीनू उपाध्याय के भाई संजय उपाध्याय और सहयोगी नीरज दूबे की तलाश तेज हो गई है। सोमवार को एसीपी कर्नलगंज के साथ सर्किल की फोर्स ने दोनों के घरों में दबिश दी। करीब एक घंटे तक उनकी तलाश की गई। घरवालों को चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द आरोपियों ने सरेंडर नहीं हुआ तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नरी पुलिस ने दीनू उपाध्याय के खिलाफ 14 रिपोर्ट दर्ज की हैं, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, गाली गलौज, जमीन पर कब्जे, रंगदारी मांगने, धमकी देने की धाराएं लगी हैं। एफआईआर में से कुछ में दीनू उपाध्याय के बड़े भाई संजय उपाध्याय और नीरज दुबे का नाम भी शामिल है। यह विभिन्न थानों में दर्ज किए गए हैं। एफआईआर होते ही दोनों फरार हैं। सोमवार की दोपहर करीब दो बजे एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया कर्नलगंज, नवाबगंज और ग्वालटोली थाने का फोर्स लेकर आरोपियों के घर पहुंचे।
नवाबगंज थाना
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एक साथ इतने अधिक संख्या में पुलिसकर्मियों को देखकर क्षेत्र के लोग आश्चर्यचकित हुए। फोर्स सबसे पहले परमट क्षेत्र में स्थित नीरज दुबे के घर गया। यहां उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। यहां से एसीपी के नेतृत्व में फोर्स ने नवाबगंज में दीनू उपाध्याय के घर में छापा मारा। दोनों ही आरोपियों के न मिलने पर घरवालों को अल्टीमेटम दिया।
ग्वालटोली थाना
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डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि संजय उपाध्याय और नीरज दुबे के घर में छिपे होने की सूचना आई थी, जिस पर फोर्स ने छापेमारी की। दोनों ही आरोपियों को जल्द से जल्द सरेंडर करने के लिए कहा गया है। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश कर रही हैं।