उड़ान के 20 मिनट बाद ही हो गया था हादसा
गुरुवार को प्रशिक्षण विमान उड़ान के 20 मिनट बाद ही गंगा बैराज के पास स्थित नत्थापुरवा गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। प्रशिक्षण केंद्र से उड़ान भरने वाले विमान में गुजरात के वडोदरा निवासी पायलट सचिन भाटिया (45) और ट्रेनी पायलट कर्नाटक निवासी अभिषेक पुजारी (35) सवार थे। हादसे में पायलट और ट्रेनी दोनों की मौत हो गई थी।
घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए
दोपहर में हादसा स्थल पर पहुंचीं टीमों को जांच में पता चला कि एविएशन कंपनी वर्ष 2023 से यह विमान इस्तेमाल कर रही थी। इटली की कंपनी टेक्नाम ने यह विमान तैयार किया था। सूत्रों ने बताया कि टीमों ने सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। मलबे की स्थिति देखी गई। विमान के मलबे के बिखरने के तरीके और जमीन पर पड़े निशानों का अध्ययन किया गया।
कोई यांत्रिक खराबी या इंजन फेल तो नहीं हुआ
इससे पता चल सके कि विमान किस कोण और गति से जमीन से टकराया। साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए दुर्घटना स्थल और हिस्सों की तस्वीरें ली गईं और वीडियो भी बनाए गए हैं। टीमों ने मलबे की तकनीकी और यांत्रिक जांच भी की। इसमें विमान के इंजन, प्रोपेलर और अन्य तकनीकी प्रणालियों की जांच की गई। उड़ान के दौरान कोई यांत्रिक खराबी या इंजन फेल तो नहीं हुआ था ये तथ्य जांचे गए।
विमान के रखरखाव का रिकॉर्ड लिया
टीम ने एकेडमी पहुंचकर प्रबंधन के बयान दर्ज किए। विमान के रखरखाव का रिकॉर्ड लिया, जिसमें विमान के पिछले लॉगबुक, सर्विसिंग और मेंटेनेंस का पूरा रिकॉर्ड होता है। इसके अलावा अन्य दस्तावेज एकत्रित किए। टीम के सदस्यों ने एविएशन कंपनी से प्रशिक्षक और प्रशिक्षु पायलट के उड़ान अनुभव, मेडिकल फिटनेस की जानकारी जुटाई। विमान में फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर या कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की उपलब्धता की जांच की जा रही है।
सोमवार को फिर से प्रशिक्षण शुरू किया जा सकता है
ताकि आखिरी पलों की बातचीत और इंस्ट्रूमेंट रीडिंग का विश्लेषण किया जा सके। करीब साढ़े छह घंटे की जांच में टीमों ने दुर्घटना के समय दृश्यता, हवा की गति, तापमान और आसपास के मौसम का रिकॉर्ड पता किया। उड़ान भरने से पहले और हादसे के वक्त एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ हुई बातचीत और रडार डाटा की भी जांच की जा रही है। वहीं, सोमवार को फिर से प्रशिक्षण शुरू किया जा सकता है।
दिल्ली, लखनऊ की तीन टीमें मामले की जांच कर रही हैं। हादसे की वजह पता की जा रही है। -राजीव भल्ला, पायलट कैप्टन, गर्ग एविएशन सेंटर