क्रोमियम युक्त कचरे का सैंपल लेते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची
इसके बाद रात में कुछ लोग डंपर और जेसीबी लेकर मलबा उठाने गए तो उन्हें ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। मंगलवार को प्रदूषण विभाग के डॉ. रजनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची। डॉ. रजनीश ने जांच के बाद बताया कि फेंका गया केमिकल बेहद खतरनाक है। उन्होंने पास ही स्थित फार्म हाउस और आसपास घर बनाकर रह रहे लोगों से अपील की कि वे सीसीटीवी कैमरे लगवाएं।
क्रोमियम युक्त कचरे का सैंपल लेते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी
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पर्यावरण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी
इससे भविष्य में इस तरह कोई फिर ऐसा करे तो उसे पकड़ा जा सके। साथ ही महाराजपुर थाने की पुलिस को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा। डॉ. रजनीश ने कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह की कोई फैक्टरी संचालित नहीं है। आशंका है कि यह जहरीला मलबा फतेहपुर की ओर से लाकर अंधेरे में फेंका गया है। इसे लेकर जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा गया है। दोषियों के खिलाफ पर्यावरण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा
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हाईवे पर लगे कैमरों की फुटेज निकलवाएंगे
जांच प्रभावी तरीके से हो, इसके लिए प्रदूषण विभाग ने एनएचएआई को भी पत्र लिखने की बात कही है। डॉ. रजनीश ने कहा कि हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज लेकर यह पता किया जाएगा कि किसके वाहन से मलबा लाकर पुरमावीर गांव में फेंका गया था। ग्रामीणों ने प्रदूषण विभाग की जांच पर राहत जताई है। मांग की है कि जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।
महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा
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सैंपलिंग कराई गई है। स्थानीय लोगों, पुलिस और तहसीलदार से बातचीत की गई है। पता चला है कि एक गाड़ी फतेहपुर से आई थी जिस पर मलबा लदा हुआ था। वह यहां पर मलबे को डंप करके चली गई। इसे लेकर हमने प्रयागराज के क्षेत्रीय अधिकारी को भी पत्र भेजकर जानकारी दी है। मलबे में हैवी मेटल मिले होने की संभावना लग रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट दो दिनों में मिल जाएगी। क्रोमियम एक अत्यंत हानिकारक और खतरनाक तत्व है जो पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है। ये कैंसर पैदा करने वाला तत्व है। -अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपी प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा
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क्रोमियम एक हानिकारक तत्व है जो हवा, पानी और मिट्टी तीनों को प्रदूषित करता है। यह लिवर, किडनी की बीमारियों से लेकर कैंसर तक का कारण बन सकता है। यदि क्रोमियम हवा के जरिये सांस में जाता है तो तुरंत चक्कर आने और बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है। जब ये हानिकारक तत्व मिट्टी में मिलता है तो हो सकता है कि ये पेड़-पौधों को तुरंत या सीधे तौर पर नुकसान न पहुंचाए पर जब इंसान उन पौधों से प्राप्त फल और सब्जियों का सेवन करते हैं, तो क्रोमियम खाद्य शृंखला के जरिये शरीर में प्रवेश कर जाता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित होता है। -डॉ. प्रीति सिंह, विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान, एसएन सेन पीजी कॉलेज
महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा
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किसी ठाकुर साहब ने गिरवाया मलबा, हमने कहा उठवाओ: वारसी
पुरमावीर के ग्रामीणों का आरोप है कि क्रोमियम युक्त मलबा प्रदेश की मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी की फैक्टरी का है। इस संबंध में पूछे जाने पर अनिल शुक्ल वारसी ने कहा कि मलबा हमारी फैक्टरी का नहीं है। हमने केमिकल का प्रोडक्शन काफी पहले बंद कर दिया है। हमें मलबा गिराने की सूचना मिली तो हमने पता लगवाया। पता लगा कि कोई ठाकुर साहब गिरवाए हैं तो जनहित में हमने किसी के माध्यम से उनसे संपर्क कर कहा कि मलबा उठवाइए। नहीं उठवाएंगे तो हम आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। अब वो ठाकुर साहब कौन हैं, हम नहीं जानते हैं। हमें लग रहा है कि वह रनियां तरफ की किसी फैक्टरी से मलबा उठा कर फिंकवा कर चले गए होंगे। हम भी उनका पता ही लगवा रहे हैं।