फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: पीसीबी ने माना- पुरवामीर में पड़ा हरे रंग का मलबा खतरनाक, जांच के लिए भेजा है सैंपल, ये बोले अधिकारी

Wed, 22 Jul 2026 09:45 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Chromium Waste News: महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में खुले में क्रोमियम युक्त जहरीला मलबा फेंके जाने से हड़कंप मच गया है। प्रदूषण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबे और पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह मलबा मानव स्वास्थ्य और भूजल के लिए बेहद घातक है, जिसे लेकर प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
क्रोमियम युक्त कचरे का सैंपल लेते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में खुले में फेंका गया क्रोमियम युक्त मलबा मानव स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है। जांच के लिए पहुंची प्रदूषण विभाग की टीम ने हरे रंग के मलबे के साथ ही पास में भरे पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। अफसरों के अनुसार, यह न सिर्फ मानव जीवन के लिए घातक है, बल्कि भूजल को भी दूषित कर सकता है।

विज्ञापन



http://


इसके संपर्क में आने से त्वचा, सांस और अन्य गंभीर बीमारियों से प्रभावित होने की आशंका है।  ग्रामीणों का आरोप है कि मलबा पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी की फैक्टरी का है। पुरमावीर गांव में 18 जुलाई की देर रात डंपर से हरे रंग का केमिकल और मलबा पलटा गया था। ग्रामीणों ने बताया था कि डंपर से क्रोमियम युक्त मलबा पलटा गया है। ग्रामीणों की सूचना पर सोमवार को राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर जांच करने पहुंची।

विज्ञापन

क्रोमियम युक्त कचरे का सैंपल लेते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी - फोटो : amar ujala
तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची
इसके बाद रात में कुछ लोग डंपर और जेसीबी लेकर मलबा उठाने गए तो उन्हें ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। मंगलवार को प्रदूषण विभाग के डॉ. रजनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची। डॉ. रजनीश ने जांच के बाद बताया कि फेंका गया केमिकल बेहद खतरनाक है। उन्होंने पास ही स्थित फार्म हाउस और आसपास घर बनाकर रह रहे लोगों से अपील की कि वे सीसीटीवी कैमरे लगवाएं।

क्रोमियम युक्त कचरे का सैंपल लेते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी - फोटो : amar ujala
पर्यावरण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी
इससे भविष्य में इस तरह कोई फिर ऐसा करे तो उसे पकड़ा जा सके। साथ ही महाराजपुर थाने की पुलिस को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा। डॉ. रजनीश ने कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह की कोई फैक्टरी संचालित नहीं है। आशंका है कि यह जहरीला मलबा फतेहपुर की ओर से लाकर अंधेरे में फेंका गया है। इसे लेकर जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा गया है। दोषियों के खिलाफ पर्यावरण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा - फोटो : amar ujala
हाईवे पर लगे कैमरों की फुटेज निकलवाएंगे
जांच प्रभावी तरीके से हो, इसके लिए प्रदूषण विभाग ने एनएचएआई को भी पत्र लिखने की बात कही है। डॉ. रजनीश ने कहा कि हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज लेकर यह पता किया जाएगा कि किसके वाहन से मलबा लाकर पुरमावीर गांव में फेंका गया था। ग्रामीणों ने प्रदूषण विभाग की जांच पर राहत जताई है। मांग की है कि जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।

महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा - फोटो : amar ujala
सैंपलिंग कराई गई है। स्थानीय लोगों, पुलिस और तहसीलदार से बातचीत की गई है। पता चला है कि एक गाड़ी फतेहपुर से आई थी जिस पर मलबा लदा हुआ था। वह यहां पर मलबे को डंप करके चली गई। इसे लेकर हमने प्रयागराज के क्षेत्रीय अधिकारी को भी पत्र भेजकर जानकारी दी है। मलबे में हैवी मेटल मिले होने की संभावना लग रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट दो दिनों में मिल जाएगी। क्रोमियम एक अत्यंत हानिकारक और खतरनाक तत्व है जो पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है। ये कैंसर पैदा करने वाला तत्व है।  -अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपी प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड

महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा - फोटो : amar ujala
क्रोमियम एक हानिकारक तत्व है जो हवा, पानी और मिट्टी तीनों को प्रदूषित करता है। यह लिवर, किडनी की बीमारियों से लेकर कैंसर तक का कारण बन सकता है। यदि क्रोमियम हवा के जरिये सांस में जाता है तो तुरंत चक्कर आने और बेहोशी जैसी स्थिति बन सकती है। जब ये हानिकारक तत्व मिट्टी में मिलता है तो हो सकता है कि ये पेड़-पौधों को तुरंत या सीधे तौर पर नुकसान न पहुंचाए पर जब इंसान उन पौधों से प्राप्त फल और सब्जियों का सेवन करते हैं, तो क्रोमियम खाद्य शृंखला के जरिये शरीर में प्रवेश कर जाता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित होता है।  -डॉ. प्रीति सिंह, विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान, एसएन सेन पीजी कॉलेज
विज्ञापन

महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा - फोटो : amar ujala
किसी ठाकुर साहब ने गिरवाया मलबा, हमने कहा उठवाओ: वारसी
पुरमावीर के ग्रामीणों का आरोप है कि क्रोमियम युक्त मलबा प्रदेश की मंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी की फैक्टरी का है। इस संबंध में पूछे जाने पर अनिल शुक्ल वारसी ने कहा कि मलबा हमारी फैक्टरी का नहीं है। हमने केमिकल का प्रोडक्शन काफी पहले बंद कर दिया है। हमें मलबा गिराने की सूचना मिली तो हमने पता लगवाया। पता लगा कि कोई ठाकुर साहब गिरवाए हैं तो जनहित में हमने किसी के माध्यम से उनसे संपर्क कर कहा कि मलबा उठवाइए। नहीं उठवाएंगे तो हम आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। अब वो ठाकुर साहब कौन हैं, हम नहीं जानते हैं। हमें लग रहा है कि वह रनियां तरफ की किसी फैक्टरी से मलबा उठा कर फिंकवा कर चले गए होंगे। हम भी उनका पता ही लगवा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें