कानपुर में हार्ट अटैक पड़ने के छह घंटे के अंदर कार्डियोलॉजी आने और टेनेक्टाप्लेस का इंजेक्शन लगने से 74 में से 62 रोगियों की जान बच गई। इस दवा का इंजेक्शन कार्डियोलॉजी में निशुल्क लगता है। इसे शासन ने इंस्टीट्यूट को निशुल्क उपलब्ध कराया है। निजी क्षेत्र में टेनेक्टाप्लेस के इस इंजेक्शन की कीमत 24 हजार रुपये से अधिक है।
कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा ने बताया कि शासन ने इंजेक्शन उपलब्ध कराया है। इसे निशुल्क लगाया जा रहा है। यह जीवन रक्षक दवा है। लेकिन हार्ट अटैक पड़ने के छह घंटे के अंदर यह इंजेक्शन लग जाने पर ही फायदा मिलता है। ज्यादा समय बीत जाने पर यह अधिक कारगर नहीं होता। उन्होंने बताया कि टेनेक्टाप्लेस नसों में जमा खून का थक्का गलाने के काम आता है। इसके लगने से खून का थक्क गलता है और खून का बहाव तेज हो जाता है जिससे रोगी की जान बच जाती है।