महाराजपुर के नारायणपुर गांव में सोमवार देर शाम मिट्टी खनन में लगे ट्रैक्टर ट्राॅली ने बाइक सवार तीन दोस्तों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों उछल कर बाइक से दूर सड़क पर जा गिरे। एक युवक की मौत हो गई जबकि, गंभीर रूप से घायल दो दोस्तों का हैलट में इलाज चल रहा है। पुलिस ट्रैक्टर ट्राॅली व चालक की तलाश कर रही है।
नारायणपुर गांव निवासी किसान रामबाबू का छोटा बेटा गोलू उर्फ योगेंद्र (20) गुजरात के सूरत में एक साड़ी के कारखाने में कढ़ाई का काम करता था। पांच फरवरी को छुट्टी पर घर आया था। गोलू अपनी बाइक से गांव में ही रहने वाले दोस्त राजकरन और दीपक के साथ सोमवार शाम को महाराजपुर घूमने के लिए गया था। देर शाम करीब 6:30 बजे तीनों बाइक से गांव लौट रहे थे। उसी दौरान नारायणपुर गांव में ही रहनस और नारायणपुर गांव के बीच गांव में चल रहे मिट्टी खनन में लगी ट्रैक्टर ट्राॅली ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। पीछे से टक्कर लगने पर तीनों दोस्त उछल कर दूर सड़क पर जा गिरे। हादसे की सूचना पर पहुंचे परिजनों और पुलिस तीनों घायलों को सीएचसी ले गई। डाक्टर ने गोलू को मृत घोषित कर दिया। वहीं, राजकरन और दीपक को हैलट रेफर कर दिया। थाना प्रभारी संजय पांडेय का कहना है कि हादसा ट्राॅली से हुआ या किसी और वाहन से, यह अब तक जांच में साफ नहीं हुआ है। मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर वाहन और चालक का पता लगाया जा रहा है।
सड़क पर पड़े रहे तीनों दोस्त
हादसे के बाद तीनों दोस्त सड़क किनारे खून से लथपथ हालत में पड़े रहे। अंधेरा होने के कारण उधर से आने-जाने वालों की उन लोगों पर नजर नहीं पड़ी। रात करीब 7:30 बजे नारायणपुर गांव निवासी विपिन फैक्ट्ररी से काम करके लौट रहा था। उसी दौरान राजकरन और दीपक के करहाने की आवाज सुनकर विपिन रुका। उसने प्रधान पति उमेश गुप्ता को सूचना दी। इसके बाद पुलिस पहुंची।
गश खाकर गिरे पिता, सिर पर लगी चोट
गोलू के पिता रामबाबूू हादसे के वक्त खेतों में काम कर रहे थे। गोलू के घायल होने की खबर मिलने पर जब वह रात करीब आठ बजे सीएचसी पहुंचे, तो वहां बेटे का शव देख गश खाकर गिर गए। इससे उनके सिर पर चोट लग गई। परिजनों ने उन्हें संभालने के बाद डाक्टर को दिखाया। गोलू की मौत से मां के अलावा तीन बहनों सोनी, मोनी, कंचन और बड़े भाई सुरेंद्र को रोकर बुरा हाल था।