इस संबंध में एसआईटी ने जिला प्रशासन से जून में एक पत्र भेजकर इन जमीनों को फर्जी तरीके से बेचने व खरीदने वाली कंपनी, फर्म और इससे जुड़े लोगों के नाम व जमीनों का पूरा विवरण देने को कहा था, जिससे वह जांच को आगे बढ़ा सकें। आरोप है कि अभी तक यह जानकारी एसआईटी को नहीं दी गई है।
इन गांवों में हैं जमीनें
कटरी शंकरपुर सराय, लुधवा खेड़ा, कटरी, लक्ष्मीखेड़ा की करीब 200 बीघा जमीनें शामिल हैं।
इन जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर पूर्व में जो भ्रामक रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी, उसकी वजह से ही मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले की जांच एसआईटी को दी गई थी। इसके बावजूद एडीएम वित्त एवं राजस्व व एसडीएम सदर की ओर एसआईटी को जानकारी नहीं दी गई है। इसी वजह से मामले को फिर से उठाया गया है।- देवेंद्र सिंह भोले, सांसद, अकबरपुर रनियां