कानपुर के कल्याणपुर और नौबस्ता के जिन नर्सिंगहोम पर अभी तक ताले लग जाने चाहिए थे, वे धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। सीएमओ ने बीते दिनों इन इलाकों के आधा दर्जन से अधिक नर्सिंगहोम के निरीक्षण के दौरान तमाम अनियमितताएं पकड़ी थीं। इसके बाद उन्होंने इनमें से कुछ अस्पतालों को सील करने के आदेश दिए थे।
लेकिन सोमवार को अधिकांश नर्सिंगहोम खुले मिले। अमर उजाला की टीम ने इन नर्सिंगहोम का रियलिटी चेक किया तो आंखों में धूल झोंकने की सच्चाई समाने आई। किसी नर्सिंगहोम संचालक ने अपनी राजनीतिक पहुंच की धौंस दिखाकर सीएमओ से अनुमति मिलने की बात बताई तो किसी ने कार्रवाई या आदेश के संबंध में ज्यादा जानकारी न होने की बात कही।
ये नर्सिंगहोम होने थे सील
सीएमओ ने नौबस्ता थाना फोर्स के साथ इलाके के अंश नर्सिंगहोम, निदान मल्टी स्पेशिएलिटी नर्सिंगहोम, आकाश हॉस्पिटल, पैरामाउंट हॉस्पिटल, जागृति नर्सिंगहोम, जेके हॉस्पिटल, एक्सपर्ट हॉस्पिटल आदि का निरीक्षण किया था। इनमें से अंश, निदान और आकाश में कोविड प्रोटोकॉल का पालन न होने के साक्ष्य मिले थे। इस पर महामारी अधिनियम के तहत इनको सील करने के आदेश दिए गए थे। इन नर्सिंगहोम में बिना कोविड, डेंगू या मलेरिया जांच के मरीज भर्ती किए गए थे।
सीएमओ से हो गई हमारी बात
अंश नर्सिंगहोम के वार्ड में मरीज भर्ती मिले। प्रवेश द्वार पर आंखों में धूल झोंकने के लिए सैनिटाइजर टनल लगी थी। इससे होकर गुजरने पर कोई सैनिटाइज नहीं हो रहा था। खुद को अस्पताल संचालक बताने वाले डॉ. हरिनारायण सिंह ने कहा कि सीएमओ की जांच के बाद ही उन्होंने सभी अनियमितताएं दूर कर दी थीं। अच्छी राजनीतिक जान पहचान होने से सीएमओ से बात हो गई है। उन्होंने ही नर्सिंगहोम का संचालन जारी रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, वह सीएमओ का कोई लिखित आदेश नहीं दिखा सके। यहां किसी भी मरीज को भर्ती न करने के आदेश के बाद भी इलाज जारी था। मूसा नगर से आए कैलाश ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी दीपिका को इसी रविवार को भर्ती कराया है।
हम मरीज भर्ती नहीं कर रहे, बस देख रहे
निदान नर्सिंगहोम भी खुला मिला। यहां पांच लोगों का नर्सिंगस्टाफ नजर आया। वार्ड में बेड खाली पड़े थे। खुद को नर्सिंगहोम संचालिका बताने वालीं डॉ. शुभ्रा गंगवार टीम को देखते ही केबिन से बाहर निकल आईं। उन्होंने नर्सिंगहोम सील करने के सीएमओ के आदेश के बारे में ज्यादा जानकारी न होने की बात कही। कहा कि सीएमओ के निर्देश पर मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। वह सिर्फ देख रही हैं।
मरीजों की भीड़, ऑपरेशन भी हो रहे
कल्याणपुर पनकी रोड स्थित पुलिस चौकी के पास कानपुर सहारा हॉस्पिटल को भी सील होना था। स्वास्थ्य विभाग ने सील होने का दावा भी किया। लेकिन सोमवार को यहां मरीजों का इलाज चल रहा था। तीमारदारों की भीड़ लगी थी। ओपीडी में भी मरीज देखे जा रहे थे। लोगों ने कहा कि ऑपरेशन भी हो रहा है। एंबुलेंस मरीजाें को लेकर आ रही थी।
मरीज ले आओ, इलाज हो जाएगा
कल्याणपुर पनकी रोड सीएनजी पंप के पास स्थित बेदांता हॉस्पिटल केप्राइवेट वार्ड में एक मरीज भर्ती मिला। कुछ देर बाद एक युवक ने टीम से परिसर में घूमने का कारण पूछा। उसे बताया गया कि परिवार के सदस्य की तबीयत खराब है। इस पर उसने मरीज को लेकर आने के लिए कहा। बोला, ले आओ, इलाज हो जाएगा। जबकि इस अस्पताल को भी सीएमओ द्वारा गठित समिति ने सील करने का दावा किया था।
जिन नर्सिंगहोमों में मानकों का पालन नहीं हो रहा और अनियमितताएं मिली हैं, उन्हें चलने नहीं दिया जाएगा। सीलिंग का आदेश कर दिया गया है। फिर भी अगर कोई मरीज भर्ती कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, सीएमओ