कारागार उप महानिरीक्षक कानपुर वीपी सिंह ने गोशाला का किया निरीक्षण
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कानपुर रेंज के डीआईजी ने सोमवार को जिला जेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बैरकों, मैस, अस्पताल आदि की व्यवस्थाओं को देखा। जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा को कोरोना को लेकर जेल प्रशासन को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। निरीक्षण में डीआईजी को सब कुछ ठीक मिला। उन्होंने साफ सफाई रखने को भी कहा।
डीआईजी ने कहा जेलों में बंद कैदियों से गौ-सेवा कराकर उन्हें स्वावलंबी बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर कार्ययोजना बनाई गई है। इसे जल्द ही सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने रखा जाएगा। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
डीआईजी जेल वीपी त्रिपाठी ने बताया कि गौ-सेवा करने से बंदियों में रचनात्मक सुधार आएगा। गौ-सेवा से मिलने वाले धन से बंदी छूटने के बाद अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं। इससे वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे।
दरअसल, त्रिपाठी सोमवार को उरई जेल का निरीक्षण करने आए थे। तभी उन्होंने यह जानकारी दी। डीआईजी ने कहा कि जो आदमी जेल में रहकर बाहर निकलता है, वह अपने बल पर खड़ा होकर रोजी-रोटी कमा सके, इसके लिए गौ-सेवा करने की योजना बनाई गई है।
डीआईजी जेल ने कहा कि कितने आदमियों की आवश्यकता एक गौशाला में है, उस हिसाब से कैदियों को इस काम में लगाया जाएगा। इससे बंदियों का सुधार और पुनर्वास शुरू हो जाएगा। जिससे बंदियों में रचनात्मक सुधार के साथ-साथ समाज को भी इसका लाभ मिलेगा।
गोशाला का निरीक्षण किया
कारागार उप महानिरीक्षक कानपुर वीपी सिंह ने सोमवार को गल्ला मंडी स्थित कान्हा गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंश की संख्या, भूसा के स्टॉक, रखरखाव और कर्मचारियों की उपस्थिति आदि देखी। गोवंशो को गुड़ व मेथी खिला कर सेवा करने की शपथ दिलाने के साथ पौध रोपण भी किया। नगर पालिका ईओ सुनील कुमार सिंह, चेयरमैन मो. जमीर आलम, डॉ वीपी सिंह, कारागार अधीक्षक सीताराम, पशु चिकित्साधिकारी विपिन सचान, प्रभारी निरीक्षक जितेंद सिंह, सभासद मंगल तिवारी, बबलू अग्रवाल खुर्सीद, राइन अजय सिंह आदि रहे।