कानपुर की नई घोषित पांच शत्रु संपत्ति की भविष्य में रजिस्ट्री न होने के लिए जिला प्रशासन ने निबंधक कार्यालय को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक कार्यालय ने जिन संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित किया है, वे सभी केंद्र सरकार की संपत्ति हैं। ऐसे में उनकी रजिस्ट्री न होने दी जाए। पत्र के साथ सभी 18 संपत्तियों की सूची भी भेजी गई है।
एसीएम-6 दीपक पाल ने बताया कि जिन 98 शत्रु संपत्तियों की तहसीलदाराें ने जांच शुरू की है, उनको शत्रु संपत्ति घोषित करने के लिए अगले हफ्ते अभिरक्षक कार्यालय के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की बैठक हो सकती है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही अधिकारियों को आना था लेकिन डीएम के चार दिन की छुट्टी पर चले जाने की वजह से बैठक टल गई।
इस बीच राम जानकी मंदिर सहित तीनों संभावित शत्रु संपत्तियों के कब्जेदारों को नोटिस दिए जाने के बाद उपजे विवाद पर भी प्रशासन अभिरक्षक कार्यालय से चर्चा करना चाह रहा है। पिछले कुछ दिनों में 99/14ए राम जानकी मंदिर वाले भवन के शत्रु संपत्ति होने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और स्पष्टता चाह रहा है, ताकि उसे खाली कराने से पहले किसी तरह का भ्रम न रहे।
कोर्ट की लड़ाई पर भी होगा मंथन
जिन संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित किया जा चुका है, उनमें से कई के कब्जेदार हाईकोर्ट जा चुके हैं। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में जिला प्रशासन को फटकार लगाई है। यही वजह है कि अब अभिरक्षक कार्यालय के अधिकारियों से इस संबंध में भी चर्चा होनी है कि कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने के लिए सरकारी वकील रखे जाएं या अभिरक्षक कार्यालय विषय विशेषज्ञ वकीलों को इसके लिए खड़ा करेगा। फिलहाल इन सभी संपत्तियों को खाली कराने की प्रशासन की कवायद पर ब्रेक लगा हुआ है।