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खरीद केंद्र खुले नहीं, 1,200 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रही धान

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बिल्हौर। सरकार ने इस बार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,868 रुपये प्रति क्विंटल तय कर रखा है, लेकिन अभी तक तहसील क्षेत्र में सरकारी धान क्रय केंद्र न खुलने से क्षेत्रीय किसान अपनी फसल मात्र 1,200 प्रति क्विंटल की दर से निजी आढ़तों पर बेचने को मजबूर हैं। बिल्हौर में 40 खरीद केंद्र बनाए गए है, जो आज से खुलने हैं। वहीं, किसानों की अगली फसल जल्दी बोने के लिए रुपये की सख्त जरूरत हैं। इस कारण वह मजबूरी में अपनी फसल निजी आढ़तों में बेंच रहे हैं। पिछली बार खरीद केंद्र एक अक्तूबर को ही खुल गए थे।
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तहसील क्षेत्र के ककवन, विषधन, अरौल, सैबसू, राजेपुर, उत्तरीपुरा, कुरेह, शिवराजपुर, सखरेज, कमालपुर, दिलीप नगर आदि इलाकों में इन दिनों बड़ी संख्या में किसान धान कटाई कर उसकी बिक्री में लगे हैं। किसान राजेश कुमार, हरिनाथ, सुरेंद्र कुमार, देवी सिंह, रामचंद्र, रामसोहन आदि ने बताया कि इलाकाई काश्तकार धान फसल के बाद तत्काल आलू, तोराई-सरसों और गेहूं की फसल बोते हैं, इसलिए कटाई के तत्काल बाद किसान फसल की बिक्री कर उसी धन से अगली फसल बोते हैं। सरकार द्वारा इस बार अभी तक उनके यहां धान क्रय केंद्र नहीं खोले गए हैं इसलिए क्षेत्रीय किसान मात्र 1,200 प्रति क्विंटल की दर से अपनी फसल निजी आढ़तियों को बेंचने को मजबूर हैं।
उधर, अफसरों की अनदेखी से क्षेत्रीय इलाकों में मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण निजी आढ़त खुल जाने से एक ओर जहां सरकारी दामों के सापेक्ष कम दामों में धान धड़ल्ले से ली जा रही है, इससे किसानों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है। वहीं, धान खरीद के डिप्टी आरएमओ संतोष यादव ने बताया कि तहसील बिल्हौर सहित पूरे जनपद में 15 अक्तूबर से धान खरीद केंद्र खुलने हैं।
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वहीं, क्षेत्रीय पंजीकृत किसान अपनी फसल बिक्री करें और सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठाए। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि तहसील बिल्हौर के चारों विकास खंडों में 40 खरीद केंद्रों से धान की खरीद की जाएगी।
तहसीलदार ने बताया कि इस बार सरकारी धान केंद्रों पर सिर्फ वहीं किसान अपनी फसल बिक्री कर पाएंगे, जिन्होंने ऑनलाइन कृषि विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर पंजीकृत कराया है वह ही अपनी फसल बेंच सकेंगे। अभी तक तहसील क्षेत्र में करीबन 2,500 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है और जिन-जिन किसानों के आवेदन आ रहे हैं उनको स्वीकृत प्रदान की जा रही है।
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