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कानपुर नगर निगम: मात्र सवा लाख की खातिर जंग खा रही लाखों की मशीन, कूड़ा प्लांट तक नहीं पहुंच रही पन्नियां

Sat, 09 May 2026 08:43 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नगर निगम की ओर से विजयनगर गंदा नाला में पन्नियों और अन्य फ्लोटिंग मटेरियल को रोकने व निकालने के लिए लगाई गई ट्रेस बूम मशीन लंबे समय से बंद पड़ी है। मशीन का पट्टा खराब होने के कारण सफाई कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
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कई माह से ख़राब पड़ी मशीन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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शहर की नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के दावों की पोल विजयनगर के गंदे नाले पर खुली नजर आ रही है। यहाँ नगर निगम की लापरवाही के कारण ₹85 लाख की लागत से लगी 'ट्रेस बूम' मशीन महीनों से धूल फांक रही है। आलम यह है कि महज ₹1.5 लाख के एक पट्टे (Belt) के खराब होने से पूरी मशीन बंद पड़ी है और नाले की पन्नियां व अन्य कचरा सीधे पांडु नदी को प्रदूषित कर रहा है।

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रोज निकलता था 6 क्विंटल कचरा
गौरतलब है कि जब यह ट्रेस बूम मशीन चालू थी, तब यह नाले से प्रतिदिन 500 से 600 किलो फ्लोटिंग मटेरियल (पन्नी, प्लास्टिक और अन्य तैरता कचरा) बाहर निकालती थी। इस कचरे को व्यवस्थित तरीके से पनकी स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट भेजा जाता था। लेकिन मशीन बंद होने से अब यह सारा कचरा सीधे बहाव के साथ आगे बढ़ रहा है।

अफसरों की चुप्पी, मशीन खा रही जंग
मशीन की मरम्मत के लिए मात्र सवा लाख से डेढ़ लाख रुपये का खर्च अनुमानित है, लेकिन बजट या इच्छाशक्ति की कमी के कारण पट्टा नहीं बदला जा रहा। लाखों की मशीन खुले में खड़े-खड़े जंग की भेंट चढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निगम और नगर निगम की इस सुस्ती का खामियाजा पर्यावरण को भुगतना पड़ रहा है।
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पांडु नदी के अस्तित्व पर संकट
विजयनगर नाले का कचरा न रुकने के कारण पांडु नदी में गंदगी का अंबार लग रहा है। प्रदूषण बोर्ड के कड़े निर्देशों के बावजूद इस ओर ध्यान न देना अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना यह है कि इस खबर के बाद निगम की कुंभकर्णी नींद खुलती है या मशीन यूं ही कबाड़ में तब्दील होती रहेगी।
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