कानपुर में रतनपुर नाले से पांडु नदी में गंदा पानी जाने पर नगर निगम पर 25 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 15 दिन में जुर्माना जमा करने के आदेश दिए हैं। नगर निगम ने नदी में गंदगी जाने से इनकार किया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी (वृत्त-2) की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, रतनपुर नाले का नियमित निरीक्षण पिछले साल सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में किया गया।
रतनपुर और उसके आसपास के मोहल्लों का गंदा पानी इसी नाले के माध्यम से पांडु नदी में जाता है क्योंकि इस नाले में नदी के मुहाने पर न तो टैपिंग प्वाइंट है और न ही सीवेज पंपिंग स्टेशन। गंदे पानी का बॉयोरेमेडिएशन भी नहीं किया जा रहा। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने एनजीटी के निर्देशों के अनुपालन में पांच लाख रुपये प्रतिमाह की दर से जुलाई से नवंबर तक (पांच माह) में 25 लाख रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने की संस्तुति की है। 15 दिन में जुर्माना न भरने पर भू-राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से नगर निगम पर जुर्माना लगाने की जानकारी नहीं है। रतनपुर नाले का पानी बॉयोरेमेडिएशन विधि से शोधित किया जा रहा है। बोर्ड का पत्र मिलने पर बॉयोरेमेडिएशन की रिपोर्ट सहित जवाब दिया जाएगा। वैसे बरसात में बॉयोरेमेडिएशन बंद रहता है। बरसात खत्म होते ही रतनपुर नाले में बॉयोरेमेडिएशन शुरू कराया गया था। - आरके पाल, अधिशासी अभियंता (पर्यावरण), नगर निगम