कानपुर की सोनी हत्याकांड में उसके बेटों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया पिता शक के चलते मां की बेल्टों से पिटाई करते थे। दो दिन पहले मां-बेटी की हत्या करने की भी चेतावनी दी थी। सोनी पति से परेशान थी और अलग रहना चाहती थी। इसको लेकर उसने पुलिस से शिकायत की थी।
कानपुर के फजलगंज के दर्शनपुरवा में चरित्र पर शक में पत्नी सोनी वर्मा की हत्या व बेटी वैष्णवी की हत्या के प्रयास के मामले में फरार हत्यारोपी अर्जुन वर्मा का पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है। वहीं, मृतका के बेटों ने पिता पर मां के चरित्र पर वेवजह शक करने का आरेाप लगाते हुए उसके साथ आए दिन मारपीट करने की बात बताई।
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इससे आजिज सोनी ने अर्जुन से दूर होने का मन बना लिया था। सोनी ने अर्जुन के खिलाफ पुलिस से शिकायत भी की थी। दर्शनपुरवा में बरगदी स्वीट हाउस के बगल वाली गली में रहने वाले सराफ कारीगर अर्जुन वर्मा ने सोमवार शाम को किराये के घर में पत्नी सोनी (40) को पहले तेजाब से जलाया फिर चापड़ से काटकर हत्या कर दी थी।
वहीं, बचाव में आई बेटी वैष्णवी पर भी तेजाब और चापड़ से हमलाकर उसकी हत्या का भी प्रयास किया। इसके बाद वह फरार हो गया था। मृतका के तीनों बेटे अमित उर्फ करन, सुमित व अंकुल ने बताया कि पिता अर्जुन के सनकीपन से मां सोनी बहुत परेशान थी। करीब एक साल से दोनों में झगड़े बहुत बढ़ गए थे।
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छोटी बहन वैष्णवी मां का पक्ष लेती थी, इसलिए अर्जुन उसे भी आए दिन मारता पीटता था। बेटों के अनुसार अर्जुन उनकी मां को कई बार बेल्टों से पीट चुका था। सोनी के चरित्र पर शक के चलते वह राह चलते भी उसके साथ मारपीट करता था। छोटी बातों में गुस्सा होकर घर का सामान तोड़ देना, गालीगलौज करना अर्जुन के लिए आम बात हो गई थी।
करन ने बताया कि पिता अर्जुन ने दो दिन पूर्व शुक्लागंज में रहने वाले उसके छोटे मामा सुजीत सोनी को फोन करके कहा था कि सोनी अगर मेरी नहीं हुई तो वो उसे किसी और की भी नहीं होने देगा...। हत्या की चेतावनी देने के साथ ही उसने पूरी तैयारी कर ली थी।
अर्जुन ने घर में जुटा लिया था मौत का सामान, मौके की थी तलाश
बेटों के अनुसार अर्जुन ने सोनी और बेटी वैष्णवी की हत्या करने की पूरी तैयारी पहले से कर रखी थी। उसने कुछ दिनों पहले ही बड़ी तीव्रता का करीब आधा लीटर तेजाब को घर पर लाकर रख दिया था। इस तेजाब का इस्तेमाल गहनों को साफ करने के लिए होता है।
करन ने बताया कि तेजाब में सोडा और गंधक मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाने के साथ ही उसकी तीव्रता को भी बरकरार रखा जा सकता है, जिसकी जानकारी पिता को पहले से थी। कहीं से चापड़ भी लाकर घर में छिपा दिया था। तीनों बेटों में से मझला बेटा सुमित बहराइच में ही रहकर कपड़े का काम करता है।
अमित उर्फ करन के अनुसार एक मामले में उसकी और सुमित की सिद्धार्थनगर की कोर्ट में सोमवार को तारीख लगी थी, जिसमें दोनों लोग गए हुए थे। इधर घर पर मां सोनी, छोटा भाई अंकुल और बहन वैष्णवी ही थे।
इससे अच्छा मौका अर्जुन को नहीं मिलता इसलिए वह सोमवार को किसी काम पर नहीं गया। शाम करीब चार बजे अंकुल भी मंदिर जाने के लिए दोस्त के साथ निकल गया। इस बीच घर पर रहे अर्जुन ने मौका मिलते ही मेन गेट पर अंदर से ताला लगाया और वारदात को अंजाम देकर भाग निकला।