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ये दो साक्ष्य हैं बहू के खिलाफ
पुलिस के मुताबिक शालू को दो प्रमुख साक्ष्यों के चलते भेजा गया है। एक है हत्यारोपी का कबूलनामा, दूसरा है रतन ऑर्बिट के गार्ड का ये बताना कि शालू ने कहा था कि विशाल की इंट्री मत करना। वहीं सीडीआर बड़ा साक्ष्य है। वहीं सुब्रत के खिलाफ गार्ड और हत्यारोपी ने कुछ नहीं कहा।
पहले सड़क हादसे में मारने की थी प्लानिंग
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि हत्यारोपियों से पूछताछ में सामने आया कि पहले दवा कारोबारी को सड़क हादसे में मारने की योजना बनाई गई थी। हालांकि व्यस्त ट्रैफिक और पकड़े जाने के डर से तकिया से मुंह दाब कर हत्या की योजना बनाई गई। जब दवा कारोबारी कमरे लॉक करने लगे तो आरोपियों ने चाकू से हत्या कर दी।
कहीं बेटे-बहू ने ही तो नहीं आयोजित की पार्टी
विनीत की हत्या के समय सुब्रत और शालू तिलकनगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में आयोजित किटी पार्टी में थे। आशंका यह भी है कि कहीं बहू-बेटे ने ही तो पार्टी आयोजित नहीं की है। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि हत्या की साजिश कई दिनों से रची जा रही थी। ऐसे में पार्टी की जांच भी की जा रही है।
सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है पुलिस
मंगलवार को पुलिस टीम लाउंज पहुंची, जहां पर मैनेजर से पूछताछ की। उसने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग नहीं होती है। सिर्फ लाइव कैमरे चलते हैं। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रही है। उससे तय होगा कि शालू और सुब्रत कितने बजे निकले और कितने बजे आए।
रतन ऑर्बिट में चाक-चौबंद हुई व्यवस्था
हंगामे के बाद रतन ऑर्बिट में बदला हुआ नजारा सामने आया। यहां गार्ड की संख्या बढ़ा दी गई है। हर आने जाने वाले की इंट्री की गई। पुलिस की एक टीम भी मुआयना करने परिसर पहुंची।