कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र की गंगापुर कालोनी स्थित प्रयाग विद्या मंदिर इंटर काॅलेज में सोमवार सुबह 10वीं के छात्र की उसी के सहपाठी ने क्लास के अंदर चाकू से गोदकर हत्या कर दी। हमलावर को रोकने का प्रयास करने वाले छात्रों ने आंखों देखी बताई है।
कानपुर के बिधनू के गंगापुर कॉलोनी के इंटर कॉलेज में सोमवार को सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। क्लास में ही एक छात्र ने अपने सहपाठी की हत्या कर दी। छात्र-छात्राओं से भरी कक्षा में साथी को चाकू से गोदकर मार डाला। आरोपी छात्र ने सभी वार गले पर किए, ताकि बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
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सोमवार को स्कूल की पहली मंजिल पर जो हुआ, उसे देख जहां एक ओर अधिकांश बच्चे सहमे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने हिम्मत जुटाकर बचाने का प्रयास किया था। हालांकि जब तक वह हमलावर को पकड़कर काबू में कर पाते, उसने नीलेंद्र पर कई वार कर दिए थे। हमला होते ही क्लास में मौजूद छात्राओं और छात्रों में चीख-पुकार मच गई।
शोर सुनकर 11वीं क्लास का एक छात्र अपने साथी के साथ भागकर क्लास के दरवाजे पर पहुंचा। उनकी नजर के सामने नीलेंद्र जमीन पर था, उसके गले से खून की धार बह रही थी। इसके बावजूद हमलावर गालीगलौज करते हुए उसपर अगले हमले के लिए कदम बढ़ा चुका था।
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दोनों उसे पकड़ने पहुंचे लेकिन पकड़ने से पहले ही हमलावर छात्र ने एक सांस में कई वार नीलेंद्र के गले और सीने पर कर दिए। उन्होंने छात्र को पकड़ा। आसपास मौजूद छात्र भी आगे आए, इस बीच शोर सुनकर कुछ शिक्षक भी पहुंच गए।
चाकू छुड़वाने के समय भी हमलावर की चाकू पर पकड़ बेहद मजबूत थी। नीलेंद्र के घर के नजदीक रहने वाले एक अन्य छात्र ने बताया कि हमलावर को देखकर लगा जैसे उस पर नीलेंद्र की हत्या का जुनून सवार है। भारी मन से बोला कि काश वह पहले पहुंच जाता तो शायद नीलेंद्र बच जाता।
हमले से पहले भी हुई थी कहासुनी... नीलेंद्र को काट डालेगा कहकर गया था
स्कूल के एक छात्र ने बताया कि हत्या से पहले सुबह भी दोनों के बीच स्कूल की दूसरी मंजिल पर विवाद हुआ था। हालांकि उस समय हमलावर खाली हाथ था और वह सिर्फ धमकी देते हुए लौट गया। हालांकि उसने कहा था कि वह नीलेंद्र को काट डालेगा।
इसके बाद जैसे ही लंच का समय शुरू हुआ, दोनों के बीच गालीगलौज होने लगी। नीलेंद्र इस बात का अंदाजा ही नहीं लगा पाया कि हमलावर चाकू से वार कर सकता है। यही वजह रही कि गले पर किए पहले ही हमले में नीलेंद्र जमीन पर गिर गया।
इसके बाद हमलावर पूरी तरह हावी हो गया और एक के बाद एक कई वार कर दिए। एक अन्य चश्मदीद छात्र ने बताया कि हमला करते समय छात्र नीलेंद्र को काफी गालियां दे रहा था। ऐसा लगा जैसे उसके सर पर सनक सवार हो गई हो।
स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही, झगड़े की भनक तक नहीं लगी
स्कूल के प्रधानाचार्य विनय कुमार पांडेय ने दोनों छात्रों के बीच स्कूल में किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़े की भनक न लगने का दावा किया है जबकि पहले भी दोनों छात्र बिड़ चुके थे। सवाल यह भी उठता है कि मामला हत्या तक पहुंच गया और प्रबंधन को कुछ पता ही नहीं चला।
जाहिर है कि प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं की गतिविधियों की निगरानी में बड़ी लापरवाही बरती है। प्रधानाचार्य के अनुसार क्लास में 42 बच्चे थे, जिसमें आधी लड़कियां हैं। नीलेंद्र और हत्यारोपी दोनों ही पढ़ाई में औसत छात्र रहे हैं। सभी छात्र-छात्राओं के घर स्कूल से आधा किमी. के दायरे में हैं, जिससे बाहर भी दोस्ती के नाते मुलाकात होती रहती थी।
वेबसीरीज देख बन रहे हिंसक
मनोवैज्ञानिक डॉ. एलके सिंह के मुताबिक
- वेबसीरीज की मारधाड़ और हत्याएं देखकर बन रहे हिंसक
- पबजी और खून खराबे वाले मोबाइल गेम भी बड़ी वजह
- आकर्षण को प्यार समझने वाले बर्दाश्त नहीं कर पाते दूसरों का दखल
- मां-बाप का ज्यादा लाड़ प्यार बच्चों को बना रहा जिद्दी
- हार्मोंस बदलाव के बाद खुद पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे बच्चे
- गलत संगत और नशे का सेवन खत्म कर रहा खुद के ऊपर से नियंत्रण
परिजनों के ज्यादा प्यार दुलार से बच्चों का स्वभाव अस्थिर हो जाता है। ये दूसरों को दुख देने में आनंद महसूस करते हैं। आधे सेकंड के गुस्से में ये अपनी जिद को पूरा करने के लिए झगड़ा, मारपीट, तोड़फोड़ और हत्या जैसी बड़ी घटनाओं तक को अंजाम देते हैं।-डॉ.उन्नति कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ