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UP: कानपुर नगर आयुक्त पर 1.55 करोड़ का जुर्माना; नालों के गंदे पानी को गंगा में गिरने रोकने रहे नाकाम

Mon, 11 Sep 2023 10:08 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर

सार

यूपीपीसीबी के अनुसार गंगा और पांडु नदी में छह नाले गिर रहे हैं। इनमें से रानीघाट, बुढि़याघाट, शीतला बाजार नाले गंगा में गिर रहे हैं।
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नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा और पांडु नदी में नालों का पानी जाने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम पर 1.55 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना प्रति नाला प्रति माह पांच लाख रुपये की दर से लगाया गया है। बोर्ड ने नदियों में नाले गिरने को पर्यावरणीय क्षति बताया है। नगर निगम को जुर्माना जमा करने के लिए 15 दिन में वक्त दिया गया है। सुधार न होने पर और भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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गंगा, पांडु नदी में गिर रहे ये नाले
यूपीपीसीबी के अनुसार गंगा और पांडु नदी में छह नाले गिर रहे हैं। इनमें से रानीघाट, बुढि़याघाट, शीतला बाजार नाले गंगा में गिर रहे हैं। इसी तरह आईसीआई, पनकी थर्मल, रतनपुर नालों का पानी सीधे पांडु नदी में जा रहा है। इनमें से चार सीधे नदियों में गिर रहे हैं, जबकि दो नालों (बुढ़ियाघाट, शीतला बाजार) के टैपिंग प्वाइंट क्षतिग्रस्त हैं। इन नालों का बायोरेमेडिएशन नहीं किया जा रहा है। इनका गंदा पानी इन नदियों में जा रहा है। इसीलिए पर्यावरणीय क्षति के रूप में नगर निगम पर 1.55 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। 15 दिन में जुर्माना जमा न करने पर भू-राजस्व की तरह संपत्ति की कुर्की कर वसूली की चेतावनी भी दी गई है।

इस संबंध में पिछले साल 15 सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। यूपीपीसीबी के अनुसार बीती 17 अगस्त को एनजीटी की तरफ से दिए गए आदेशों के तहत पांच लाख रुपए प्रति नाला प्रति माह की दर से जुर्माना लगाया गया है।

गंगा में रोजाना जा रहा करोड़ों लीटर सीवेज
गंगा में सीवेज और अशोषित पानी जाने से रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई थी, लेकिन कई बार कड़े निर्देशों के बाद भी गंगा में गंदा पानी जाने से रोकने में नगर निगम नाकाम साबित हो रहा है।

16 अगस्त को हुआ निरीक्षण
यूपीपीसीबी की कमेटी ने बीती 16 अगस्त को नालों का निरीक्षण किया था। कमेटी को आईसीआई नाले में पनकी औद्योगिक क्षेत्र के आसपास के आवासीय क्षेत्रों का सीवेज जाता है। इन नाले को टैप कर गंदा पानी पनका सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शोधन के लिए जाना चाहिए, पर ऐसा नहीं हो रहा था। इसी तरह पनकी थर्मल नाला (सुंदर नगर नाला) से पनकी थर्मल के आसपास के आवासीय क्षेत्रों का गंदा पानी पनकी थर्मल नाले के माध्यम से पांडु नदी में जा रहा था। नाले पर बारिश के चलते बायो रैमिडिएशन बंद है। रतनपुर नाला (थर्मल नाला) में रतनपुर कालोनी, रतनपुर गांव एवं उसके आसपास के आवासीय क्षेत्रों का अशोधित सीवेज सुंदरनगर पंम्पिंग स्टेशन के माध्यम से पनका एसटीपी में भेजकर शोधित किया जा रहा है। अब यह नाला टैप है।

गंगा में गिर रहे ये नाले
विष्णुपुरी, आजादनगर, नवाबगंज आदि आवासीय क्षेत्रों का गंदा पानी रानीघाट नाले के माध्यम से सीधे गंगा में जा रहा था। इन नाले के पानी के सैंपल भी मानक के अनुरूप नहीं मिले थे। इसी तरह बुढ़ियाघाट नाले से जाजमऊ टीला क्षेत्र का गंदा पानी और शीतला बाजार नाले से गज्जूपुरवा, अशर्फाबाद, शीतला बाजार, रामरायलराय, 150 फिट रोड, बंगालीघाट, हिन्दुस्तान कंपाउंड का गंदा पानी सीधे गंगा नदी में जा रहा था। कमेटी कोशीतला बाजार पम्पिंग स्टेशन पर की गई अस्थाई टैपिंग भी टूटी मिली थी।
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ऐसे लगाया गया जुर्माना
नाला उल्लंघन अवधि जुर्माना राशि
आईसीआई नाला 5 माह 14 दिन 25 लाख
पनकी नाला 6 माह 4 दिन 30 लाख
रतनपुर नाला 5 माह 7 दिन 25 लाख
रानीघाट नाला 4 माह 18 दिन 20 लाख
बुढ़ियाघाट नाला 3 माह 8 दिन 15 लाख
शीतलाबाजार नाला 3 माह 14 दिन 15 लाख

यूपीपीसीबी का पत्र नगर निगम को मिला है। इसका परीक्षण कर जवाब प्रस्तुत किया जाएगा। आरके सिंह, अधिशासी अभियंता (परियोजना), नगर निगम
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