देश में सुरक्षा बलों के जवान आम नागरिकों की तुलना में हर चुनाव में 70 फीसदी से अधिक वोटिंग करते हैं। इस बार जिले में होने वाले विधानसभा चुनाव में 7999 जवान मतदान में भागीदारी करेंगे। जबकि देश या किसी प्रदेश में आम नागरिकों का वोटिंग का आंकड़ा बमुश्किल 60 फीसदी के आसपास ही रहता है।
देश के सुरक्षा बलों के जवान राष्ट्र की सुरक्षा के साथ अपनी सरकार चुनने के मामले में आम नागरिकों से ज्यादा फिक्रमंद रहते हैं। चुनावों में 70 फीसदी से अधिक जवान मतदान में हिस्सा लेते हैं, जबकि देश या किसी प्रदेश में वोटिंग का आंकड़ा बमुश्किल 60 फीसदी के आसपास ही रहता है। इस बार जिले में 7999 जवान मतदान में भागीदारी करेंगे।
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उप जिला निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों के जवानों को ऑनलाइन मतपत्र (इलेक्ट्रॉनिक बैलेट पेपर) भेजा जाएगा। उसका प्रिंट लेकर वे अपने पसंदीदा प्रत्याशी का चयन कर निर्वाचन विभाग से मिले लिफाफे में बंद कर जिला निर्वाचन कार्यालय को भेज देंगे। इसके लिए निर्वाचन कार्यालय ने जिले की सभी विधानसभा सीटों के जवानों और उनके परिवारों की वोटर लिस्ट फाइनल कर ली है।
इन्हें भी मिलेंगे पोस्टल बैलेट
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि रेलवे के गार्ड, चालक और स्वास्थ्य विभाग के एंबुलेंस चालक भी ड्यूटी के चलते मतदान केंद्र पर जाकर वोटिंग नहीं कर पाते। इन लोगों को फार्म 12डी भरना होगा। इसके बाद विभाग उनके पते पर पोस्टल बैलेट भेजेगा। प्रत्याशी का चयन कर उन्हें बैलेट पेपर को निर्वाचन कार्यालय भेजना होगा।