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Kanpur: मेट्रो ने मॉल रोड-चुन्नीगंज से पूरी तरह नहीं हटाई बैरिकेडिंग, डिवाइडर और फुटपाथ निर्माण भी है अधूरा

Sun, 03 Nov 2024 02:57 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कमिश्नर के निर्देश पर भी मेट्रो ने मॉल रोड और चुन्नीगंज से पूरी तरह बैरिकेडिंग नहीं हटाई है। यूपीएमआरसी ने दो सुरंग बनाने के लिए ढाई साल पहले यातायात डायवर्जन लागू किया था।
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सड़क पर लगी बैरिकेडिंग - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में मंडलायुक्त के निर्देशों के बावजूद उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने मॉल रोड के नरोना चौराहा से बैरिकेडिंग नहीं हटाई और न ही चुन्नीगंज मार्ग खोला। डिवाइडर, फुटपाथ निर्माण भी अधूरा है। बैरिकेडिंग लगाने की तय समय सीमा बीतने के बावजूद शहरवासी वैकल्पिक रूट से आने-जाने के लिए मजबूर हैं। यूपीएमआरसी ने माल रोड में चार भूमिगत मेट्रो स्टेशनों के निर्माण और अप व डाउन लाइन के लिए दो सुरंग बनाने के लिए ढाई साल पहले यातायात डायवर्जन लागू किया था।

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तब दावा किया गया था कि इस सेक्शन में कार्य पूरा कर दिसंबर में मेट्रो संचालन के लिए ट्रायल पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, अभी तक निर्माण ही अधूरा है। मॉल रोड में कई जगह कार्य पूरा होने के बावजूद बैरिकेडिंग नहीं हटवाई गई। पिछले महीने दो बार मॉल रोड पर कार्यों का जायजा लेते समय मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने यूपीएमआरसी के अधिकारियों को दिवाली से पहले सभी बैरिकेडिंग हटवाने व मार्ग को खोलने के निर्देश दिए थे।
उस समय मेट्रो के अधिकारियों ने भी ऐसा करने का दावा किया था पर दिवाली पर यह भी फेल हो गया। अमर उजाला ने शनिवार को जायजा लिया तो पता चला कि चुन्नीगंज - लालइमली मार्ग में बीएनएसडी इंटर कॉलेज के सामने से न तो बैरिकेडिंग हटाई या कम की गईं और न ही इस मार्ग को यातायात के लिए खोला गया। बकरमंडी की तरफ से आकर माल रोड जाने वाले चार पहिया वाहनों को चुन्नीगंज बस अड्डा के सामने, ग्वालटोली होते हुए करीब दो किलोमीटर का चक्कर लगाकर लालइमली चौराहे की तरफ आना-जाना पड़ रहा है।

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नयागंज भूमिगत मेट्रो स्टेशन के आसपास लगी है बैरिकेडिंग
दोपहिया, तीन पहिया वाहन चुन्नीगंज पेट्रोल पंप के बगल से हॉस्पिटल रोड होते हुए करीब एक किलोमीटर का चक्कर लगाकर आ-जा रहे हैं। इसी तरह नरोना चौराहे में भी नयागंज भूमिगत मेट्रो स्टेशन के आसपास बैरिकेडिंग लगी है। पनचक्की से घंटाघर आने वाले वाहनों को मुरे कंपनी पुल के नीचे से घूमकर आना पड़ता है। हालांकि परेड चौराहे से बड़ा चौराहा, फूलबाग होते हुए नरोना चौराहे तक वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है, पर इस रूट में भी फुटपाथ का कार्य अधूरा है।
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