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छह लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप लगाया था
ऐसा होता, तो विशाल शालू का नहीं मेरा नाम लेता। बता दें छह सितंबर को तड़के विनीत का शव उनके फ्लैट में मिला था। पांच सितंबर की देर रात चाकू से गोदकर उनकी हत्या की गई थी। पुलिस ने विनीत के पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकुमार को गिरफ्तार किया था। विशाल ने विनीत की बहू शालू पर छह लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप लगाया था।
एक घंटे तक भाई-बहन से पूछताछ की गई
पुलिस ने शालू को हत्या की साजिश रचने के आरोप में जेल भेज दिया था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के सामने ही सोमवार देर शाम करीब एक घंटे तक भाई-बहन से पूछताछ की गई। तकरीबन 15 से 20 सवाल किए गए, जिनके जवाबों को बतौर बयान की तरह डायरी में नोट किया गया है।
बहन शुभांगी से पूछे गए सवाल
- भाई सुब्रत और भाभी शालू के बीच कैसे संबंध हैं?
- पापा विनीत के प्रति भाभी का व्यवहार कैसा था?
- क्या वाकई पापा आपके भाई और भाभी पर किसी तरह की बंदिश लगाते थे?
- पापा ने कभी आपसे भाई-भाभी के प्रति किसी तरह की कोई नाराजगी जताई थी?
- आखिरी बार आपकी पापा से कब और क्या बातचीत हुई थी?
(नोट- उक्त सवालों की आधिकारिक पुष्टि नहीं है)
शालू और विशाल की रिमांड पर सुनवाई आज
पुलिस ने शालू और हत्यारोपी विशाल का रिमांड लेने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर बुधवार को सुनवाई होनी है। पुलिस इन दोनों को रिमांड पर लेकर दोनों का सुब्रत से अलग-अलग आमना-सामना करेगी। देखना यह होगा कि यदि रिमांड मिलती है तो पुलिस उस दौरान क्या-क्या पूछताछ कर सकती है।
नए सिम से विशाल ने शालू से सात व सुब्रत से छह बार की बात
पुलिस की जांच में सामने आया कि विशाल ने तीन सितंबर को नया सिम खरीदा था और पांच की देर रात विनीत की हत्या की थी। इस दौरान इस नए सिम से विशाल ने जहां शालू से सात तो सुब्रत से भी छह बार बात की लेकिन हत्या के बाद उसने किससे और क्या बात की पुलिस अब बयानों से उसी का पता लगाने का प्रयास कर रही है। विशाल की तीन दिनों की कॉल डिटेल में एक नाम मीरपुर के किशन और दूसरा नाम नैतिक वर्मा का निकला। पुलिस दोनों का पता कर रही है।
साथ रहने पर भी क्यों की 21 मर्तबा कॉल
डाटा फिल्टरिंग में सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह रही कि घटनास्थल पर ही विशाल और वारदात में शामिल राजकिशोर के बीच करीब 21 बार बात हुई है। इससे पुलिस को लग रहा है कि दोनों एक साथ नहीं थे। दूर-दूर थे तो कहां थे और ऐसा उन्होंने क्यों किया। पुलिस को यह भी लग रहा है कि दोनों आरोपी फ्लैट में एक नहीं बल्कि दो बार दाखिल हुए हैं।
अभी केस की जांच खत्म नहीं हुई है। खुद मॉनीटरिंग कर रहा हूं। सच्चाई सामने लाई जाएगी। किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। यही वजह है कि संदेह के सभी बिंदुओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। सुब्रत के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों व उनके करीबियों से भी पूछताछ की जा सकती है। -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर