दवाओं के साथ उपचार खोजने की तैयारी
इसके लिए संयुक्त रूप से रणनीति बनाई गई है। संयुक्त अभियान में हेपेटाइटिस ए और ई को भी शामिल किया है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस सी को पूरी तरह से खत्म करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ लाइलाज बीमारी हेपेटाइटिस बी के लिए दवाओं की खोज की जाएगी। इसके लिए अभी वैक्सीन तो बनी है लेकिन संक्रमण हो गया, तो फिर ठीक नहीं होता।
रोगियों के सैंपल की विशेष जांच होगी
एसजीपीजीआई के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. अमित गोयल, केजीएमयू के डॉ. अमित रूंगटा, बीएचयू के डॉ. विनोद कुमार इस संयुक्त अभियान में शामिल हैं। अभियान के तहत रोगियों के सैंपल की विशेष जांच होगी, जिससे वायरस के स्ट्रेन आदि के संबंध में पता किया जाएगा। इसी से वायरस को खत्म करने के लिए दवाएं तैयार हो सकेंगी। हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण का फैलाव नगरीय क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ रहा है।