किसी भी नागरिक की तरह मेरी निजता भी संरक्षित
मैं महापौर का पुत्र हूं और यह बात छिपाने की जरूरत नहीं है, लेकिन इससे न मुझे कोई विशेष अधिकार मिलता है, न मेरे सामान्य नागरिक अधिकार छिन जाते हैं। किसी भी नागरिक की तरह मुझे अपने वैध कार्य के लिए नगर निगम आने का पूरा अधिकार है और किसी भी नागरिक की तरह मेरी निजता भी संरक्षित है। यदि यह फुटेज किसी वैध प्रक्रिया के तहत दी गई है, तो मुझे बस आदेश दिखाया जाए। मामले में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया है।