कानपुर में शादी के नाम पर ठगने वाला गिरोह सोशल मीडिया और मेट्रिमोनियल वेबसाइटों से मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी जुटाता। टेलीकॉलर युवतियां मैरिज काउंसलर, रिलेशनशिप एडवाइजर बनकर अविवाहित लोगों की हैसियत की जानकारी जुटातीं। फिर फर्जी प्रोफाइल, इंटरनेट से ली गई तस्वीरें और मनगढ़ंत पारिवारिक विवरण भेज युवकों को बातों में फंसाया जाता। टेलीकॉलर की सहकर्मी युवती शादी के इच्छुक युवकों से बात कर जल्द शादी करने का दिलासा देतीं और तीन से 20 हजार तक के गोल्ड, सिल्वर, प्लेटिनम पैकेज बेच देतीं।
फोन पर बात करने पर देने पड़ते पांच हजार
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पैकेज लेने के बाद कॉल सेंटर की युवतियां मैरिज काउंसलर या रिलेशनशिप मैनेजर बनकर पहले युवक से बात करती थीं। फिर कॉल सेंटर की दूसरी युवती से युवक की बात कराई जाती थी जो खुद को शादी का इच्छुक बताती थी। कुछ देर बात करने के बाद मैरिज ब्यूरो की तरफ से अगले 24 घंटे तक फोन पर बात न करने की हिदायत दी जाती थी।
अलग-अलग बहानों से रकम मांगी जाती
24 घंटे के भीतर दोबारा फोन करने पर युवक पर पांच हजार रुपये वसूले जाते। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शादी के इच्छुक युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल निर्माण शुल्क, मैचिंग शुल्क, संपर्क शुल्क और पारिवारिक सहमति शुल्क जैसे अलग-अलग बहानों से रकम मांगी जाती। युवक आनाकानी करते तो फर्जी भुगतान रसीदें और स्क्रीनशॉट भेजकर यह दिखाया जाता था कि दूसरी तरफ से भी भुगतान हो चुका है। प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए और पैसा जमा करना जरूरी है।
कॉलिंग के आधार पर तय होता था कमीशन
पुलिस के अनुसार मैरिज ब्यूरो में काम करने वाली सभी युवतियों को दिन भर में 20 से अधिक लोगों से कॉल करने का टारगेट दिया जाता था। इन कॉल और फंसे शिकार से वसूली गई रकम के आधार पर युवती को कमीशन भी दिया जाता था।
ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये भेजता था चंद्रेश
पुलिस ने बताया कि बाराबंकी वाले शिकायतकर्ता चंद्रेश कुमार ने बताया था कि वह मजदूर है। उसके पास बैंक खाता नहीं था तो वह ग्राहक सेवा केंद्र जाकर रुपये आरोपियों के बताए बैंक खाते में जमा कराता था। उससे चार लाख रुपये हड़पने के बाद भी उसकी शादी नहीं कराई गई।
ये था पूरा मामला
शादी कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले भिलाई (छत्तीसगढ़) निवासी 12वीं पास रंजीश कुमार गौड़ को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। वह नौबस्ता और किदवईनगर इलाके में परफेक्ट रिश्ते, शादी मैच इंडिया और शादी मैच नामक से तीन काॅल सेंटर चला रहा था जहां लोगों से शादी कराने के नाम पर रुपये ऐंठे जा रहे थे। इन कॉल सेंटरों को आरोपी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) में पंजीकृत करा रखा था।