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कानपुर: मंदाकिनी दीदी बोलीं- हनुमान चालीसा का करें नियमित पाठ, विपत्ति में देगा आपको आत्मबल, दिया ये उदाहरण

Sun, 04 Oct 2026 11:04 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मर्चेंट चैंबर हॉल में श्रीराम लीला सोसाइटी के बैनर तले आयोजित रामकथा के पांचवें दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचिका मंदाकिनी दीदी ने श्रद्धालुओं को प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करने की सीख दी। उन्होंने संकट के समय हनुमान जी की कृपा और आत्म-प्रबंधन का उदाहरण देते हुए दुबई फ्लाइट के साहसी पायलट स्मित मच्छार का जिक्र किया।
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मर्चेंट चेंबर सभागार मे श्री राम कथा कहतीं मंदाकिनी दीदी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में श्रीराम लीला सोसाइटी के बैनर तले आयोजित रामकथा के पांचवें दिन शनिवार को मंदाकिनी दीदी ने हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने की सीख दी। उन्होंने दुबई फ्लाइट में पायलट स्मित मच्छार के अदम्य साहस का उदाहरण दिया। स्मित ने को-पायलट के हमला करने पर हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए संघर्ष कर यात्रियों को बचाया।

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यह घटना जेन जी और जेन अल्फा के लिए प्रेरक सिद्ध होगी। रामकथा का आयोजन मर्चेंट चैंबर हॉल में हो रहा है। जब बाल्यावस्था से ही नित्य पाठ का नियम का पालन होता है तब जाकर यह अभ्यास बनता है। आपत्ति काल में यह अभ्यास कारगर होता है। हनुमान जी की कृपा से ही विषम परिस्थिति में परहित का संकल्प दृढ़ रहा और शौर्य गुण प्रधान रहा है।

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वैश्विक निधि है रामचरित मानस
उन्होंने कहा कि हनुमान जी के व्यक्तित्व में अद्भुत संतुलन है। रामचरित मानस की कथा व्यक्ति को आत्म प्रबंधन सिखाती है। लोग बच्चों को मैनेजमेंट पढ़ाने के लिए विदेश भेजते हैं। लेकिन असली आत्म कला प्रबंधन रामचरित मानस में सीखने को मिलता है। मंदाकिनी दीदी ने कहा कि रामचरित मानस वैश्विक निधि है। यूनेस्को भी इसे मान्यता दे चुका है।
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