कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके
जांच में पाया गया कि फीडिंग के लिए भेजे गए आदेश पर बने हस्ताक्षर उनके नहीं थे बल्कि उनके हस्ताक्षर स्कैन कर लगाए गए थे। आदेश का प्रारूप भी न्यायालय के अन्य आदेशों से अलग पाया गया। आरसीसीएमएस पोर्टल की जांच में संबंधित प्रकरण के निरस्त होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पेशकार अनुज त्रिपाठी से जवाब मांगा गया, लेकिन वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने निलंबन कर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। नर्वल थानाध्यक्ष अनिल सिंह तोमर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपों की जांच की जा रही है।