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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे होगा राष्ट्रीय राजमार्ग, सीएम योगी ने दिया ग्रीन सिग्नल

Tue, 15 Dec 2020 12:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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कानपुर-लखनऊ के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने के प्रस्ताव को ग्रीन सिग्नल देते हुए अपनी मुहर लगा दी। सड़क परिवहन मंत्रालय की अंतिम मुहर लगते ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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इससे एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अर्जन से लेकर निर्माण और भविष्य में रखरखाव का रास्ता भी खुल जाएगा। इस नेशनल हाइवे के निर्माण के लिए मार्च में टेंडर कराने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रस्तावित कानपुर - लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित कर ली है। 

जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, पर जब तक इस एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाइवे) का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक एनएच एक्ट भी लागू नहीं होगा और न ही इस अधिनियम के तहत अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके मद्देनजर एनएचएआई ने इस एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की एनओसी देने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।
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इसे भूतल परिवहन मंत्रालय भेजने का आग्रह भी किया। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राज्य सरकार से मंजूरी मांगी थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार कर लिया है।

राज्य सरकार जल्द ही इस बाबत अनापति प्रमाण पत्र (एनओसी) भारत सरकार को भेज देगी। इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराने के लिए डीपीआर तैयार कराने का काम मेसर्स इजिस (इंडिया) कंसल्टिंग इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। इस एक्सप्रेस-वे की लंबाई 63 किलोमीटर है।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक एनएच एक्ट भी नहीं नहीं लागू होता। इसके बिना राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए जमीन अर्जित नहीं कर सकते। जमीन अर्जन के लिए धारा - 3डी के तहत अधिसूचना जारी कर दी गई है। अब एवार्ड होगा, जिसके तह जमीन की कीमत तय कर एसडीएम मांगेंगे। काश्तकारों के खातों में पैसा पहुंचते ही जमीन एचएनएआई की हो जाएगी। यह प्रक्रिया मार्च - अप्रैल तक पूरी करने की कोशिश की जा रही है। मार्च में इसके निर्माण के लिए टेंडर करेंगे।
एनएन गिरी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

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