श्रद्धालुओं को कराया जाएगा भंडारा
रथयात्रा में ढोल-नगाड़े के साथ सात रथ चलते हैं। इनमें एक रथ पर भगवान जगन्नाथ, बहन शुभद्रा और बालभद्र सवार होते हैं। अन्य रथों पर राम दरबार, कृष्ण दरबार, भगवान शिव, काली मां का दरबार होता है। खास बात यह कि रथ को महिलाएं ही खींचती हैं। रथयात्रा मंदिर से शुरू होकर लाल बंगला मार्केट, सब्जी मंडी, एन टू रोड होते हुए वापस मंदिर परिसर आएगी, जहां महाप्रसाद वितरण किया जाता है। बाद में श्रद्धालुओं को भंडारा कराया जाएगा।
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
व्यवस्थाओं की बागडोर इनके जिम्मे
अध्यक्ष ऊषा सब्बरवाल, उपाध्यक्ष शालिनी दुग्गल, सचिव पूनम कपूर, सहयोगी स्वाती कपूर, रेखा गुप्ता, प्रेमा चौधरी, सुमन चौधरी, गुड्डी, सोनिया व शालिनी।
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा (फाइल फोटो)
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आठ दिन ननिहाल में रहेंगे भगवान
रथयात्रा के वापस आने के बाद मंदिर परिसर में ही बनाए गए ननिहाल में भगवान विराजमान होंगे और आठ दिन तक ननिहाल में ही रहेंगे। बाद में पूजन, आरती के बाद उन्हें पुन: अपने स्थान पर विराजमान किया जाएगा।
वर्ष 2008 में हुई थी शुरुआत
वर्ष 2008 में रथयात्रा की शुरुआत ऊषा सब्बरवाल के पति नवीन सब्बरवाल ने की थी। उन्होंने अपने हाथों से लकड़ी का रथ तैयार किया थो, जो आज तक रथयात्रा में शामिल होता है। उन्होंने 11 साल तक सोसाइटी की महिलाओं से ही रथयात्रा निकलवाई। अब इसकी कमान ऊषा संभालती हैं।
रथयात्रा मार्ग का निरीक्षण करते महापौर प्रमिला पाण्डेय , नगर आयुक्त सुधीर कुमार व अन्य
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जगन्नाथ रथयात्रा मार्ग पर बिजली व्यवस्था हो दुरुस्त
महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने गुरुवार सुबह जगन्नाथ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। साथ ही मोहर्रम की तैयारियों की भी जानकारी ली। अधिकारियों के साथ जनरलगंज पहुंचीं महापौर ने रथयात्रा के मार्ग एक्सप्रेस रोड, नयागंज, सिरकी मोहाल, चटाई मोहाल, कमला टावर, धनकुट्टी आदि क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने तत्काल बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और पैचवर्क कराने के निर्देश दिए। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके बाद अधिकारियों के साथ पटकापुर व परेड गईं और मोहर्रम के जुलूस मार्ग का निरीक्षण किया।