अपहरण की सूचना पर जितेंद्र की मौसी गीता सिंह घर पहुंचीं थीं तो जानकारी हुई कि उसके फोन पर अपहरणकर्ताओं ने 20 लाख की फिरौती देने और पुलिस को जानकारी देने पर जितेंद्र की हत्या करने की धमकी दी थी। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि विवेचना के बाद पुलिस ने रतनलालनगर निवासी अनुराग, बर्रा-6 निवासी मनीष उर्फ प्रशांत घई, बर्रा-4 निवासी संदीप कुमार उर्फ संजू पाराशर, रतनलाल नगर निवासी रानू कुमार व बर्रा-7 निवासी गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
अनुराग की निशानदेही पर नहर से जितेंद्र का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया था। पांचों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। कोर्ट में शिवआसरे, उनके दो सालों मनोज सिंह व अशोक सिंह, मौसी गीता सिंह समेत दस गवाह पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अनुराग, मनीष, संदीप व रानू को सजा सुनाई जबकि सबूतों के अभाव में गौरव को बरी कर दिया। संदीप सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी का बेटा है।
वर्ष 2016 में पांचों के खिलाफ आरोप तय हो गए थे लेकिन 2023 तक सिर्फ दो गवाहों की गवाही ही पूरी हो सकी थी। वादी की याचिका पर हाईकोर्ट ने 24 अगस्त 2023 को एक साल में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश दिए थे। जिसके बाद दिन-प्रतिदिन मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और नौ माह में मुकदमे का फैसला आ गया। - शिवभगवान गोस्वामी, एडीजीसी