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Kanpur: लोहा व्यापारी के बेटे के अपहरण व हत्या में चार आरोपियों को उम्रकैद, एक बरी

Wed, 15 May 2024 11:33 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: 11 साल पहले 12वीं के छात्र का 20 लाख रुपये के लिए अपहरण किया गया था। छात्र की हत्या कर दी गई थी। मामले में कोर्ट ने चार को आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में लोहा व्यापारी के 19 साल के बेटे के अपहरण और हत्या के 11 साल पुराने मुकदमे में अपर जिला जज 14 की अदालत ने चार दोषियों को उम्रकैद और 80-80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पाए दोषियों में से एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी का बेटा भी है। गोविंदनगर के रतनलाल नगर निवासी शिवआसरे सिंह का बेटा जितेंद्र दो जून 2013 की रात लगभग 10 बजे घर से निकला था, लेकिन देर रात तक नहीं लौटा था।

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उसका मोबाइल भी बंद था। पिता ने पांच जून को गोविंदनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जनता नगर गंदा नाला पुलिया के पास से एक शव मिला था, जिसकी शिनाख्त न होने पर लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पुलिस ने उसके कपड़े व सामान पिता को दिखाए तो उसकी शिनाख्त जितेंद्र के रूप में हुई। पुलिस ने जितेंद्र के अपहरण व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू की।

अपहरण की सूचना पर जितेंद्र की मौसी गीता सिंह घर पहुंचीं थीं तो जानकारी हुई कि उसके फोन पर अपहरणकर्ताओं ने 20 लाख की फिरौती देने और पुलिस को जानकारी देने पर जितेंद्र की हत्या करने की धमकी दी थी। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि विवेचना के बाद पुलिस ने रतनलालनगर निवासी अनुराग, बर्रा-6 निवासी मनीष उर्फ प्रशांत घई, बर्रा-4 निवासी संदीप कुमार उर्फ संजू पाराशर, रतनलाल नगर निवासी रानू कुमार व बर्रा-7 निवासी गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

अनुराग की निशानदेही पर नहर से जितेंद्र का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया था। पांचों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। कोर्ट में शिवआसरे, उनके दो सालों मनोज सिंह व अशोक सिंह, मौसी गीता सिंह समेत दस गवाह पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अनुराग, मनीष, संदीप व रानू को सजा सुनाई जबकि सबूतों के अभाव में गौरव को बरी कर दिया। संदीप सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी का बेटा है।

वर्ष 2016 में पांचों के खिलाफ आरोप तय हो गए थे लेकिन 2023 तक सिर्फ दो गवाहों की गवाही ही पूरी हो सकी थी। वादी की याचिका पर हाईकोर्ट ने 24 अगस्त 2023 को एक साल में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश दिए थे। जिसके बाद दिन-प्रतिदिन मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और नौ माह में मुकदमे का फैसला आ गया। - शिवभगवान गोस्वामी, एडीजीसी

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एसएमएस भेजकर दी थी धमकी
अपहरणकर्ताओं ने एसएमएस भेजकर धमकी दी थी कि तुम्हारा लड़का हमारे कब्जे में है, उसकी जान की कीमत 20 लाख रुपये है, अगर पुलिस को खबर की तो फिर अपने लड़के को भूल जाना।
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