फिरौती के लिए छात्र का अपहरण कर हत्या करने वाले तीन दोस्तों को अपर जिला जज नवम आशीष कुमार चौरसिया ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों को अलग-अलग 2.20 लाख रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माने से 3.30 लाख रुपये मृतक के पिता को मिलेंगे।
चकेरी के पटेल नगर में किराये के मकान में रहकर फतेहपुर निवासी राकेश सिंह के बेटे अजय और अभय पढ़ाई करते थे। 23 जुलाई 2014 को अभय बिंदकी चौराहे पर सवारी का इंतजार कर रहा था, तभी अपहर्ताओं ने उसे वैन में बैठा लिया और बकेवर के पास एक गांव में तीन दिन तक छिपाकर रखा।
बाद में पकड़े जाने के डर से अभय की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को भी नदी में फेंक दिया था। वहीं अभय के घर न लौटने पर भाई अजय ने चकेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन अजय के मोबाइल पर फोन कर अपहर्ताओं ने अभय को छोड़ने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की।
फिरौती की रकम वसूलने के लिए प्रेमपुर स्टेशन बुलाया। 27 जुलाई 2014 को पुलिस टीम भी अजय के साथ प्रेमपुर पहुंची। पुलिस ने जाल बिछाकर फतेहपुर के औंग निवासी अपहर्ता दीपक, जाफरगंज निवासी पीयूष द्विवेदी और महाराजपुर निवासी रंजीत सिंह उर्फ टिक्कू को गिरफ्तार कर लिया था। एडीजीसी प्रदीप बाजपेई ने बताया कि अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को सजा सुनाई।