कानपुर में फिरौती के लिए वकील का अपहरण कर हत्या करने वाले को अपर जिला जज अष्टम पवन कुमार श्रीवास्तव ने उम्रकैद और 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं 21 साल पुराने मामले में अभियुक्त की पत्नी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
नेहरू नगर निवासी अधिवक्ता प्रशांत कुमार निषाद उर्फ पप्पू 14 अगस्त 2000 की शाम घर से स्कूटर से मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे लेकिन नहीं लौटे थे। कन्नौज स्टेशन पर प्रशांत की ट्रेन से कटी लाश मिली थी। प्रशांत के पिता प्रेमचंद्र ने 19 अगस्त को नजीराबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
14 अगस्त की रात को दो लोगों ने प्रशांत के स्कूटर पर बिल्हौर निवासी राजीव तिवारी और स्वतंत्र कुमार सिंह उर्फ टिंकू को बैठकर जाते देखा था। पूछने पर राजीव ने वकील साहब को जरूरी काम से साथ ले जाने की बात कही थी। एडीजीसी अरविंद ढिमरी ने बताया कि राजीव और स्वतंत्र फिरौती की लालच में प्रशांत का अपहरण करके बिल्हौर ले गए फिर 16 अगस्त की रात को कन्नौज के मानीमऊ ले गए और ट्रेन के आगे धक्का देकर हत्या कर दी।