चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष संजय लेखा ने बताया कि इस साल भी चमड़ा निर्यात में बड़ी वृद्धि देखने को मिल रही है। अप्रैल-मई 2021 में जहां देशभर से 621.50 मिलियन अमेरिकी डालर निर्यात किया गया था। वो अप्रैल-मई 2022 में 887.40 मिलियन डालर हो गया है।
कोरोना के कारण चीन पर उठ रहे सवालों के बाद से अमेरिका और यूरोप के 27 देशों ने चमड़ा उत्पादों के लिए भारत पर निर्भरता बढ़ा दी है। इसी की देन है कि कानपुर के चमड़ा कारोबार को निर्यात के बड़े ऑर्डर लगातार मिलते जा रहे हैं। यूरोपीय देशों में यहां का चमड़ा खूब पसंद किया जा रहा है। शहर से दुनिया के 50 देशों में चमड़ा और चमड़े से बने उत्पाद भेजे जाते हैं।
विज्ञापन
चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष संजय लेखा ने बताया कि इस साल भी चमड़ा निर्यात में बड़ी वृद्धि देखने को मिल रही है। अप्रैल-मई 2021 में जहां देशभर से 621.50 मिलियन अमेरिकी डालर निर्यात किया गया था। वो अप्रैल-मई 2022 में 887.40 मिलियन डालर हो गया है। डॉलर के संदर्भ में 42.78 फीसदी की वृद्धि हुई है। शहर से इस दौरान 20 से 22 फीसदी की वृद्धि देखने को मिल रही है। देश के कुल चमड़ा निर्यात में वृद्धि की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले 32.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अमेरिका से भी व्यापार बढ़ा
अमेरिका के साथ चमड़े के व्यापार में 78.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल-मई 2021 में निर्यात 128.49 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर अप्रैल-मई 2022 में 229.40 मिलियन अमेरिकी डालर हो गया है।
विज्ञापन
यूरोप के देशों से भी अच्छा व्यापार
यूरोप के बाजारों में 44.6 फीसदी की वृद्धि हुई। यूरोपीय देशों को अप्रैल-मई 2021 में 317.04 मिलियन अमरीकी डॉलर निर्यात किया गया था। जो अप्रैल-मई 2022 में बढ़कर 458.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।
यूएई और आस्ट्रेलिया से हुआ करार
संजय लेखा के अनुसार यूरोप के प्रमुख बाजारों के अलावा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात आदि देशों में निर्यात में बढ़ोतरी हो रही है। भारत ने यूएई और आस्ट्रेलिया के साथ करार किए हैं। जिसका लाभ आने वाले समय में देखने को मिलेगा। इन व्यापार समझौतों के तहत चमड़े, चमड़े के उत्पादों और जूते के लिए आयात शुल्क छूट मिलेगी।
भारत-यूके के बीच सितंबर में होगा करार
संजय लेखा ने बताया कि भारत और यूके के बीच सितंबर में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने की संभावना है। इसी तरह यूरोपीय संघ के साथ भी वार्ता शुरू हो गई है। इन व्यापार समझौतों के होने से यूरोपीय देशों में और निर्यात बढ़ेगा।
बातचीत
कानपुर समेत पूरे देश से चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ा है। कोरोना के बाद से पूरे विश्व में शहर के उत्पादों की मांग बढ़ती जा रही है। अमेरिका और यूरोप के देशों के साथ निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर पर है। यूएई, ऑस्ट्रेलिया के साथ करार से चमड़ा उद्योग को खासा लाभ होगा। - आरके जालान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद
2019-20 के बाद से शहर से लगातार चमड़ा व चमड़ा उत्पादों का निर्यात बढ़ता जा रहा है। पूरी दुनिया कानपुर के कारोबारियों से उत्पाद खरीद रही है। नए-नए बाजार मिलने से चमड़ा क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। शहर को निर्यात का हब बनाने के लिए भी तैयारी की जा रही हैं।- जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद