इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी का झांसा देकर चार राज्यों के 500 से ज्यादा लोगों को ठगने वाले मास्टरमाइंड अभिषेक सिंह ने यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर साइबर ठगी के तरीके सीखे। इसके बाद गांव के ही बेरोजगार साथियों को ट्रेनिंग देकर अपने गैंग में शामिल कर लिया। इसके बाद इंडिगो एयरलाइन से मिलता-जुलता इंडिगो रिलेशन नाम का डोमेन खरीदकर वेबसाइट बनवाई और खुद गैंग ऑपरेट करने लगा। धंधा चल निकला तो कॉल सेंटर खोलकर लोगों को ठगने लगा।
जालौन के माधौगढ़ का रहने वाला अभिषेक सिंह बीएससी पास है। वह मुंबई से भी साइबर फ्राॅड के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि कोरोना काल के बाद वर्ष 2021 में उसने ग्रेजुएशन पूरा किया और गुजरात में मार्केटिंग की नौकरी की। मंदी के चलते उसे नाम मात्र का वेतन मिलता था। इसके चलते नौकरी छोड़ दी और गांव लौट आया। घर पर ही उसने पैसे कमाने के तरीके यू-ट्यूब पर देखे। इसके बाद वेबसाइट बनाकर खुद ऑपरेट करने लगा। शुरुआत में खुद ही डेटा खरीदकर लोगों को नौकरी का झांसा देकर फंसाने लगा। ठीक-ठाक ठगी होने लगी तो उसने गांव में बेरोजगार घूम रहे युवाओं को पार्टनरशिप पर ठगी के धंधे में शामिल कर लिया।
फोन कॉल पर करना होता था ट्रैप, 80-20 के साझे में खेल
पुलिस के मुताबिक अभिषेक गैंग के लोगों को नंबर देकर कॉल करवाता था। अगर कोई दिलचस्पी दिखाता था तो खुद अफसर बनकर बात करता था। एक ठगी का 20 प्रतिशत अभिषेक उसको देता था, जो फोन सामने वाले को फंसा लेता था। 80 प्रतिशत रकम अपने पास रख लेता था।
प्रतिबिंब पोर्टल से संभव हो सका खुलासा
इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) द्वारा तैयार प्रतिबिंब पोर्टल देशभर में साइबर ठगी पर शिकंजा कसने में मददगार साबित हो रहा है। इस पोर्टल पर ठगी के पीड़ित लोग शिकायत करते हैं। ठगी के तरीके और फोन नंबर की डिटेल भी यहां लिखी जाती है। कई शिकायतों में एक जैसे नंबर और तरीके मिलने पर यह खुद ही नंबरों की लोकेशन सेव कर देता है। पोर्टल की मॉनीटरिंग पर जिस एरिया से कॉल लगातार दिखती है, वह हॉटस्पॉट के रूप में दर्शाता है। इस मामले में भी एनसीआरबी में दर्ज 15 मामले पोर्टल पर दर्ज दिखे। हॉटस्पॉट नोएडा और कानपुर का केशवनगर जूही कलां दिखा। क्राइम ब्रांच ने पीड़िता की शिकायत दर्ज की और एनसीआरबी से डेटा जुटाकर बात की तो ठगी का तरीका एक जैसा दिखा। सर्विलांस पर नंबर लेकर एसीपी मोहसिन खान के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सुनील वर्मा की टीम ने अभिषेक और राजनाथ को गिरफ्तार कर लिया।
दो साल के भीतर खरीद ली लग्जरी कार, परिजनों को खुलवा दीं दुकानें
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गढ़ी निवासी राजनाथ सिंह रिटायर्ड फौजी जयनारायण सिंह का बेटा है। वह दो भाइयों में छोटा है। बड़ा भाई गोलू सिंह फौज में है। परिजनों ने बताता कि वह औरैया में रहकर एलएलबी कर रहा है। परिजनों का कहना है कि उसे देखकर कभी नहीं लगा कि वह ऐसा कर रहा था। वहीं, माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के सिहारी निवासी अभिषेक सिंह पर दो वर्ष पहले छेड़छाड़ का आरोप लगा था। पंचायत में समझौता करा दिया गया था। इसके बाद वह ग्वालियर में रहने लगा था। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि उसके बाद उसके पास अचानक से रुपये और लग्जरी गाड़ी खरीद ली। परिजनों को दुकानें खुलवा दीं।