सभी आरोपियों को भेज दिया गया जेल
पुलिस और सीएमओ कार्यालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की ओर आहूजा अस्पताल संचालक डॉ. सुरजीत सिंह, उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा, राजेश कुमार, राम प्रकाश, नरेंद्र सिंह और शिवम अरोड़ा को मंगलवार गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में इनका भी नाम आया सामने
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपियों से हुई पूछताछ में डॉ. अफजाल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ डॉ. अमित का नाम सामने आया। यह गुर्दा प्रत्यारोपण में स्थाई और अस्थाई तौर पर जुड़े हुए हैं। डॉ. रोहित और उनकी टीम के किडनी ट्रांसप्लांट के समय आने के सुबूत दिए गए।
ट्रांसप्लांट की घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड नहीं हो सकी
आरोपियों ने बताया कि डॉ. रोहित ने ही ऑपरेशन से पहले स्टाफ की छुट्टी करने और सीसीटीवी कैमरों को बंद करने की सलाह दी थी जिसकी वजह से तीन मार्च को दक्षिण अफ्रीका की महिला अरेबिका और पारुल तोमर के ट्रांसप्लांट की घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड नहीं हो सकी। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। डॉ. अफजाल, डॉ. वैभव और डॉ. अमित मेरठ के अल्फा अस्पताल से जुड़े रहे हैं। उनका संबंध अन्य अस्पतालों से भी है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
संभावित ठिकानों से फरार हैं आरोपी
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक बुधवार को डॉ. अफजाल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ डॉ. अमित के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई लेकिन कोई नहीं मिला। उनके परिजनों और रिश्तेदारों को जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया है। कुछ नर्सिंगहोम और निजी अस्पतालों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
वित्तीय लेनदेन की जानकारी मांगी
चारों डॉक्टर और एनसीआर क्षेत्र के कुछ नर्सिंगहोम संचालकों के खातों के ट्रांजेक्शन की डिटेल मांगी गई है। उनके बैंक अकाउंट में कितनी रकम आ रही थी। कब और कितनी निकल रही थी इसकी जानकारी के लिए बैंक अधिकारियों को ईमेल किया गया है। आयकर विभाग के अधिकारियों से सहयोग मांगा गया है।
किडनी कांड के आरोपियों के तार दिल्ली एनसीआर के अलावा अन्य शहरों से जुड़े होने की जानकारी आ रही है। कमिश्नरी पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित ठिकानों में दबिश दी जा रही है। -रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त, कानपुर