सुनवाई के दौरान रिजवान उर्फ राजू की हो गई थी मौत
दावा किया गया था कि यह लोग जिस बाइक पर सवार थे, वह चोरी की है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान रिजवान उर्फ राजू की मौत हो गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन के पक्ष से कोई भी गवाह पेश नहीं किया जा सका।
25 साल पुराना हो चुका है मामला
बनारसी ने अधिवक्ता के साथ न्यायालय में पेश होकर जुर्म इकबाल प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इस दौरान कहा कि वह गरीब है और मामला 25 साल पुराना हो चुका है। आगे से कोई गलत काम न करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि मुकदमा नहीं लड़ना चाहता है। कम से कम सजा दिए जाने की अपील की।
न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई
पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सीजेएम ने कहा कि आरोपी ने अपराध को स्वीकार कर लिया है। 25 साल में अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ एक भी साक्ष्य नहीं दे पाया है। सीजेएम ने अभियुक्त बनारसी को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।