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Kanpur Kidney Scam: टेलीग्राम पर बिक रही थी किडनी, अब तक 50 से ज्यादा अवैध ट्रांसप्लांट, छह गिरफ्तार

Tue, 31 Mar 2026 04:04 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय किडनी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए डॉ. प्रीति आहूजा समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टेलीग्राम के जरिए मरीजों को ढूंढता था। शहर में अब तक 50 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट हो चुके हैं।
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जानकारी देते पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में पुलिस ने किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार बिहार से लेकर उत्तराखंड और साउथ अफ्रीका तक जुड़े हैं। रविवार को कल्याणपुर और रावतपुर क्षेत्र के तीन अस्पतालों में की गई छापेमारी के बाद पुलिस ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा और उनके पति डॉ. सुजीत सिंह आहूजा समेत छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंगों की तस्करी कर रहा था। आठ मार्च को इसी गिरोह ने साउथ अफ्रीका की एक महिला 'अरेबिका' का अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किया था। रविवार को ही नोएडा के एक नामी स्कूल संचालक की पत्नी पारुल का ट्रांसप्लांट किया गया था। पारुल पिछले अाठ साल से मेरठ में डायलिसिस करा रही थीं।

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आराेपियों को ले जाती पुलिस - फोटो : amar ujala

टेलीग्राम ग्रुप से होता था सौदा
बता दें कि किडनी देने वाला युवक आयुष मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और उत्तराखंड से बीए (4th की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि मरीजों को फंसाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जाता था। मेरठ में डायलिसिस के दौरान डॉ. अफजल नामक व्यक्ति ने पारुल से संपर्क किया। अफजल ने उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा, जहां किडनी दाताओं और जरूरतमंदों की जानकारी साझा की जाती थी।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala

सील होने के बाद भी जारी था खेल
पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई भी आधिकारिक फाइल तैयार नहीं की जाती थी। डॉ. रोहित उर्फ राहुल अपनी टीम के साथ मिलकर सर्जरी को अंजाम देता था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, मार्च में सूचना मिलने पर आरोही हॉस्पिटल को सील किया गया था। लेकिन गिरोह इतना शातिर था कि 23 मार्च को आरोपी डॉ. राजेश ने मेडलाइफ हॉस्पिटल के संचालक के साथ साझेदारी कर ली और वहां अवैध काम शुरू कर दिया। अब तक शहर के सात बड़े नर्सिंग होम का नाम इस रैकेट में सामने आया है, जहां 50 से ज्यादा ट्रांसप्लांट होने की आशंका है।

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