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Kanpur Kidnapping Case: एसटीएफ बनकर वसूली करने वाले दो सिपाही बर्खास्त, एक सिपाही और मुखबिर फरार

Sun, 25 Dec 2022 11:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

गोविंदनगर में शुक्रवार रात परचून दुकानदार को अगवा किया था और 30 हजार की रगंदारी मांगी थी। मामले में खुद को एसटीएफ बताने वाले दो सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, एक सिपाही और मुखबिर फरार है,जिनकी तलाश में दबिश जारी है।
 
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आरोपी शालू और सिपाही मुकेश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में एसटीएफ बनकर अपहरण कर फिरौती के खेल में शामिल दो सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर ने फीलखाना थाने में तैनात सिपाही मुकेश श्रीवास्तव और कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल अमित कुमार को बर्खास्त किया है।

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पुलिस ने मुकेश को गिरफ्तार कर लिया है। अमित अभी फरार है। शनिवार को सिपाही मुकेश समेत दो आरोपियों को जेल भेजा गया। मामला शुक्रवार रात गोविंदनगर में परचून दुकानदार रघुवीर चंद्र कपूर को अगवा कर फिरौती मांगने का है। आरोपी दुकानदार रघुवीर चंद्र पर भांग बेचने का आरोप लगाकर उठा ले गए थे।
रघुवीर के पूछने पर सभी ने कहा कि वे एसटीएफ से हैं, एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। इस बीच वहां पहुंचे भतीजे पंकज के सामने चारों ने रघुवीर को कार में डाला और निकल गए। थोड़ी देर बाद बर्रा निवासी पूर्व पड़ोसी पुलिस का मुखबिर मोनू बॉक्सर रघुवीर के घर पहुंचा और बताया कि एसटीएफ ने उन्हें उठाया है।

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वापस चाहते हो, तो 30 हजार रुपये लेकर बर्रा पानी की टंकी के पास आ जाओ। इसपर परिजनों ने इसकी जानकारी गोविंदनगर पुलिस को दे दी थी। जब परिजन रुपये लेकर बर्रा पानी की टंकी के पास पहुंचे, तो आरोपियों को पुलिस के आने की सूचना मिल गई।

पुलिस को देख वह रघुवीर को छोड़कर भाग निकले थे। देर रात ही पुलिस ने कार नंबर के आधार पर कार चालक बर्रा दो निवासी अभिषेक गुप्ता को पकड़ लिया था। उसने बताया कि वारदात में सिपाही मुकेश श्रीवास्तव और सिपाही अमित कुमार भी थे। उनके साथ मोनू बॉक्सर और चाय का होटल चलाने वाला शालू नंदा भी था।

देर रात पुलिस ने मुकेश और शालू नंदा को गिरफ्तार कर लिया। सिपाही अमित और मोनू बक्सर फरार हो गए। शनिवार को डीसीपी दक्षिण प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले में अपहरण समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सिपाही मुकेश और शालू को जेल भेज दिया गया है। चालक से पूछताछ जारी है।

सिपाही मुकेश की थी प्लानिंग
जेल भेजे गया सिपाही मुकेश 2017 से 2019 तक गोविंदनगर थाने में तैनात रहा था। उसे क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी है। इस दौरान ही उसकी बर्रा दो निवासी मुखबिर मोनू बॉक्सर और साकेत नगर निवासी टी स्टॉल संचालक शालू नंदा से मुलाकात हुई थी। मुकेश ने प्लान बनाया और अमित को शामिल किया।

इसके बाद अपहरण और फिरौती की वारदात कर डाली। सिपाही मुकेश को पता था कि परचून की दुकानों में भांग का चूर्ण पैकेट में बिकता है। बस एसटीएफ के नाम पर चारों ने वसूली का प्लान बनाया। पुलिस को शक है कि इसी तरह आरोपी कई और छोटे दुकानदारों से वसूली कर चुके होंगे।
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वसूली का ऑडियो वायरल
अपहरण के बाद मोनू बॉक्सर और सिपाही मुकेश ने फोन पर बातचीत की थी, जिसका ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें मुकेश व्यापारी को छोड़ने के बदले कम से कम 40 हजार रुपये दिलवाने की मांग कर रहा है वहीं, मोनू कह रहा है कि 30 हजार रुपये ही मिल सकेंगे। पुलिस ने ऑडियो को साक्ष्य के तौर पर जोड़ लिया है।
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