कानपुर में संजीत अपहरण हत्याकांड के फरार आरोपी कानपुर देहात के चीता को पुलिस ने शनिवार को दबोच लिया। पूछताछ में चीता ने बताया है कि अपहर्ताओं की मदद के बदले उसका दो लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
बर्रा से 22 जून को अपहृत हुए संजीत मामले का खुलासा पुलिस ने ईशू, कुलदीप गोस्वामी, रामजी शुक्ला, नीलू सिंह व प्रीति शर्मा को गिरफ्तार कर 22 जुलाई को किया था। बाद में मोबाइल दुकानदार कृष्ण कुमार, नीलू के दोस्त चीता व रामाशीष को भी आरोपी बनाया था।
कृष्ण कुमार को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। शनिवार को चीता को भी बर्रा छह से कब्रिस्तान के पास से पकड़ लिया गया। रामाशीष अभी फरार है। पुलिस के अनुसार चीता ने नीलू के कहने पर कृष्ण कुमार से फर्जी आईडी पर दो सिम खरीदे थे।
अपहर्ताओं को 30 लाख की फिरौती मांगने की राय भी चीता ने दी थी। इसके बदले चीता ने दो लाख रुपये मांगे थे। चीता के तार मानव तस्करी से जुड़े होने के साक्ष्य पुलिस अभी नहीं जुटा सकी है।