अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेडी-टू-ईट फूड में होती है इस्तेमाल
दोनों ने देखा कि भारत में पालतू बिल्लियों के लिए सुरक्षित, पौष्टिक और केमिकल-फ्री भोजन के विकल्प बेहद सीमित हैं। इसी कमी को पूरा करने के उद्देश्य से स्माइलो को बाजार में उतारा गया। स्माइलों की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्याधुनिक पैकेजिंग तकनीक है। कंपनी ने रिटॉर्ट पैकेजिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक में भोजन को विशेष मल्टीलेयर पैकेट में भरकर उच्च तापमान और दबाव पर स्टरलाइज किया जाता है। इससे बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं और बिना किसी प्रिजरवेटिव के कैट फूड 18 महीने तक सुरक्षित रहता है। यह तकनीक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेडी-टू-ईट फूड में इस्तेमाल होती है और पालतू जानवरों के लिए पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है।
70 से 100 रुपये है कीमत
स्माइलो का कैट फूड 70 रुपये से 100 रुपये की किफायती रेंज में उपलब्ध है। इससे यह मिडिल क्लास पेट पैरेंट्स की पहुंच में भी है। शार्क टैंक में कार्तिकेय और अभिषेक की स्पष्ट सोच, मजबूत बिजनेस मॉडल और प्रोडक्ट की गुणवत्ता ने निवेशकों को खासा प्रभावित किया। शो में हुई डील के बाद संतुष्ट दिखे कार्तिकेय कहते हैं कि काफी बेहतर डील मिली है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी स्माइलो को एक भरोसेमंद पेट फूड ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।