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Kalindi Express Incident: 23 दिन में तीन बार ट्रेन पलटने की साजिश... बड़े खतरे की ओर इशारा; स्लीपर सेल एक्टिव!

Tue, 10 Sep 2024 10:00 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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Kanpur Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
कानपुर मंडल में महज 23 दिन में एक के बाद एक हुई रेल ट्रैक पर घटनाएं किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा कर रही हैं। साथ ही हर असफल घटना के बाद अगली घटना भी बड़े खतरे के संकेत दे रही है। कालिंदी एक्सप्रेस को डिरेल करने की नाकाम कोशिश से पहले भी कानपुर मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों को निशाना बनाया जा चुका है। हाल ही में फर्रुखाबाद में कासगंज-फर्रुखाबाद एक्सप्रेस लकड़ी के टुकड़े से टकराई थी लेकिन जांच एजेंसियों से लेकर रेलवे प्रशासन में किसी ने भी इसे किसी साजिश के तौर पर मानने से आधिकारिक तौर पर इनकार कर दिया।
 
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Kanpur kalindi express - फोटो : अमर उजाला
वहीं, 16 अगस्त की रात पनकी के नजदीक साबरमती एक्सप्रेस के सामने ट्रैक पर एक और पटरी रखकर बड़ा हादसा करने की कोशिश की गई थी। घटना के दौरान ट्रेन की 22 बोगियां डिरेल भी हो गईं लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। 

 
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Kanpur kalindi express - फोटो : अमर उजाला
इस मामले में एनआईए से लेकर रेलवे की भी एजेंसी ने पड़ताल की लेकिन जांच अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इसी बीच, रविवार रात हुई घटना में रेलवे की ओर से पहले ही साफ कर दिया गया है कि संचालन में कोई लापरवाही नहीं।

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Kanpur kalindi express - फोटो : अमर उजाला
वहीं, ट्रैक पर भरा गैस सिलिंडर मिलने, पास में ही पेट्रोल बम, बारूद जैसा पदार्थ और माचिस मिलना इस बात का संकेत है कि पिछली घटनाओं के असफल होने के बाद साजिशकर्ता इस बार और तैयारी के साथ घटना को अंजाम देने पहुंचे थे। 

 
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Kanpur kalindi express - फोटो : अमर उजाला
जांच अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन अगर डिरेल हो जाती तो इस हादसे को और भीषण बनाने में बारूद और पेट्रोल का उपयोग किया जाता। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन हादसों के पीछे कोई मास्टर माइंड है जो सामान्य तरीकों से बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए बार-बार प्रयास कर रहा है।
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Kanpur kalindi express - फोटो : अमर उजाला
समानांतर रोड होने की वजह से मुफीद है ट्रैक
रेलवे के अधिकारी भी कुछ बोल नहीं रहे, लेकिन वह इस बात को भी मानने से इनकार कर रहे हैं कि हाल के दिनों में हुई घटनाएं महज संयोग और सामान्य हैं। कानपुर से होकर गुजरने वाला ये पूरा ट्रैक जीटी रोड के किनारे है। ऐसे में अधिकारी मान रहे हैं कि साजिशकर्ताओं के लिए इस ट्रैक को निशाना बनाना और अपने मंसूबों को अंजाम देना किसी भी और जगह से ज्यादा मुफीद है। 

 
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Kanpur kalindi express - फोटो : अमर उजाला
हाल में हुई तीन घटनाओं से पहले चकेरी और पनकी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर ईंट व फिश प्लेट रखकर हादसे को अंजाम देने की खुफिया एजेंसियों ने जांच की थी लेकिन तब उन मामलों को शरारती तत्वों की शरारत तक सीमित मान रहे थे।

 

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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
एक से ज्यादा हो सकते हैं साजिशकर्ता
अबतक की जांच से अधिकारियों में एक राय बनी है कि घटना को अंजाम देने के लिए एक से ज्यादा साजिशकर्ता शामिल थे। तर्क दिया जा रहा है कि पेट्रोल की बोतल, विस्फोटक और सिलिंडर को अकेले उस जगह तक पहुंचाना आसान नहीं है। 

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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
साथ ही पकड़े जाने के खतरे के चलते निगरानी के लिए भी सहयोगी की जरूरत रही होगी। वहीं, जिस जगह घास दबी मिली है, वहां एक आदमी से ज्यादा भर की जगह पर घास के दबे होने से भी जांच अधिकारियों की थ्योरी को बल मिल रहा है।

 

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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
ऑनलाइन गतिविधियों भी नजर में
घटना में किसी स्थानीय मददगार की भूमिका को लेकर भी जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। साइबर क्राइम पुलिस को भी हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर हुई गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। देखा जा रहा है कि कहीं किसी तरह से आईएसआईएस या उस जैसे किसी अन्य आतंकी संगठन से किसी भी रूप में शहर के किसी बाशिंदे का संपर्क तो नहीं हुआ। 

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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
चूंकि कानपुर में लगातार घटनाएं हो रही हैं जो असफल प्रयास के रूप में सामने आ रही हैं और उनके बाद होने वाली अगली घटना में और सुधार किया जा रहा है इसलिए किसी स्लीपर सेल या आतंकी मॉड्यूल के एक्टिव होने या शामिल होने की बात से इन्कार नहीं किया जा सकता।

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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
23 दिनों में हुई घटनाएं
- 16 अगस्त: रात 2.35 बजे झांसी ट्रैक पर साबरमती ट्रेन डिरेल हुई।
- 26 अगस्त: रात 12.05 बजे फर्रुखाबाद में कासगंज-फर्रुखाबाद एक्सप्रेस लकड़ी के टुकड़े से टकराई।
- 08 सितंबर: रात 8.30 बजे कालंदी एक्सप्रेस बर्राजपुर से आगे मुड़ेरी गांव के पास सिलेंडर से टकराई।

 

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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में ट्रैक पर भरा सिलिंडर रख कालिंदी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश
उत्तर प्रदेश के अनवरगंज-कासगंज रूट पर कानपुर से भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस (14117) रविवार रात पलटने से बच गई। ट्रैक पर भरा सिलिंडर रख ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश रची गई थी। बर्राजपुर और बिल्हौर के बीच 100 किमी की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन जब सिलिंडर से टकराई तो तेज आवाज हुई। इसके बाद लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। रेलवे और आरपीएफ अधिकारियों को घटनास्थल से सिलिंडर के अलावा कांच की बत्ती लगी बोतल, माचिस और एक संदिग्ध झोला मिला। 

 

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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज के आरपीएफ इंस्पेक्टर ओपी मीणा ने ड्रैगन और सर्च लाइट की मदद से रेलवे ट्रैक और आसपास झाड़ियों की जांच की। आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट एमएस खान ने बताया कि मौके से भरा हुआ एलपीजी सिलिंडर, माचिस, बोतल और अन्य संवेदनशील वस्तुएं बरामद हुई हैं। 

 
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Kalindi Express - फोटो : अमर उजाला
साबरमती एक्सप्रेस हादसे की जांच जारी
कानपुर के पनकी में वाराणसी से अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस 17 अगस्त को बोल्डर से टकरा गई थी, जिससे ट्रेन के सभी डिब्बे पटरी से उतर गए थे। ट्रैक के पास से लोहे का एंगल मिला था। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। इस मामले की जांच अभी चल रही है।

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