कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 20 नवंबर 2023 को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने याचिका समिति की बैठक के बाद जेके कैंसर इंस्टीट्यूट को सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने का वादा किया था। वहां मौजूद तत्कालीन प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा को निर्देश भी दिए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। 22 अप्रैल 2025 को तीन नए विभाग शुरू करने के आदेश हुए, लेकिन चिकित्सा शिक्षक ही पूरे नहीं मिल पाए। सीटें सृजित होने के बावजूद रेजीडेंट डॉक्टर एलॉट नहीं हुए।
बदहाली के कैंसर से इंस्टीट्यूट जूझ रहा है। जेके कैंसर इंस्टीट्यूट में तीन नए विभागों के लिए फैकल्टी, रेजीडेंट डॉक्टर और स्टाफ के पद सृजित हैं लेकिन सभी पद भर नहीं पाए हैं। फैकल्टी पूरी न होने के कारण पीजी छात्र यानी रेजीडेंट भी नहीं मिले। इससे इंस्टीट्यूट का पीजी फंड भी अटका है। रोगियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उपकरण खराब होने से बायोप्सी जांच शुरू नहीं हो पाई। कैंसर रोगियों की सेंकाई के लिए लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन भी नहीं मिल पाई।