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गिफ्ट और नकद लेन-देन पर भी कड़े नियम
आयकर कानूनों (धारा 508 एवं नियम 237(2)) के तहत उच्च मूल्य के सभी लेन-देन परिभाषित किए गए हैं। धारा 92(3) के अनुसार, तय रिश्तेदारों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से 50 हजार रुपये से अधिक का कैश या संपत्ति गिफ्ट के रूप में मिलने पर वह करदाता की आय में जोड़कर टैक्स के दायरे में आएगी। इसके अलावा, किसी भी व्यक्ति से एक दिन में 2 लाख रुपये से अधिक का नकद लेन-देन सीधे विभाग के रडार पर है।
आयकर रिटर्न में न छिपाएं कमाई, पास रखें पक्के सबूत
विशेषज्ञों और अधिकारियों की सलाह है कि करदाता अपनी वास्तविक आय, संपत्ति की खरीद-बिक्री, निवेश और खर्चों का पूरा ब्योरा अपने आयकर रिटर्न में अनिवार्य रूप से घोषित करें। साथ ही, पैसे के स्रोत के पक्के साक्ष्य और लिखापढ़ी अपने पास सुरक्षित रखें। यदि रिटर्न में आंकड़े छिपाए गए या स्पष्टीकरण असंतोषजनक रहा, तो आयकर विभाग द्वारा भारी जुर्माना, ब्याज और कानूनी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।