26 जून को बुक हुई है फ्लाइट
इसके बाद भी अगर फ्लाइट रद्द होती है, तो पर्यटकों के लिए मुश्किल हो जाएगी। घूमने-फिरने के लिए लोगों का एक तय बजट होता है। ऐसे में समय बढ़ने पर ज्यादा खर्च वहन करना भी मुश्किल है। एक दिन का होटल का किराया कम से कम 18 हजार रुपये के करीब पड़ रहा है। उस पर खाने-पीने का खर्च अलग होता है। पांडु नगर निवासी अमरजीत सिंह पम्मे ने बताया कि उनके कुछ रिश्तेदार जून की शुरुआत में दुबई में घूमने के लिए गए थे और उनकी फ्लाइट 25 जून को थी, जो कैंसल हो गई है। अब 26 जून को फ्लाइट बुक हुई है।
मैं दुबई में हूं। मोहर्रम के मौके पर कानपुर आ रही थी, लेकिन फ्लाइट कैंसल हो गई है। उम्मीद है कि जल्द ही फ्लाइट शुरू हो जाएंगी। हालांकि यहां हालात तो ठीक हैं, लेकिन फ्लाइट बंद होने से स्थिति कुछ साफ नहीं है। उम्मीद है कि जल्द से जल्द सब ठीक हो जाए। -तैय्यबा जाफरी, दादा मियां चौराहा
दुबई में हूं। 24 जून को लखनऊ के लिए फ्लाइट बुक थी, जो कैंसल हो गई। मैंने फिर एक दिन और रहने की सोची और 26 जून की फ्लाइट बुक की है। यहां पर ईरान और इस्राइल युद्ध का कोई असर नहीं है। सब अच्छा चल रहा है। फ्लाइट कैंसल होने से जरूर कुछ लोग घबराए हुए हैं। -अशोक नरूला, पांडु नगर
मिसाइलों की आवाज करती है विचलित: मौलाना जीशान
ईरान के कुम शहर में तो शांति है, लेकिन रात के समय दूर से आने वाली तेज आवाजें मन को विचलित कर देती हैं। यहां दुकानें खुल रही हैं, लोग खरीदारी कर रहे हैं। बिना वजह आवाजाही पर मनाही है। ये बातें ईरान से शहर के ग्वालटोली निवासी मौलाना जीशान ने फोन पर बताईं। वह इस्लामिक अध्ययन के लिए ईरान गए हैं।
मिसाइलों की तेज आवाजें कानों को थर्रा देती हैं
परिवार के साथ ईरान के कुम शहर में रह रहे जीशान ने बताया कि कुम में भारतीय एक-दूसरे का सहारा बने हैं। यहां हालात ठीक हैं। मोहर्रम पर 24 जून को उनकी फ्लाइट थी, जो कैंसल हो गई है। उन्होंने बताया कि बाकी शहरों से यहां हालात ठीक है, लेकिन मिसाइलों की तेज आवाजें कानों को थर्रा देती हैं। रात में कभी-कभी तेज रोशनी चमकती है। सभी से घरों में रहने की अपील की गई है। जरूरत न होने पर लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। तेहरान में हमले हो रहे हैं, जहां से कुम शहर करीब 156 किलोमीटर दूर है।
हाथ बस दुआओं में उठते हैं, अल्लाह खैर करे
शिया उलेमा बोर्ड के नगर अध्यक्ष नसीम अब्बास हसनी ने बताया कि वह हर साल मोहर्रम में शहर से लोगों को लेकर ईरान, इराक की यात्रा पर जाते रहे हैं। इस बार हालात खराब होने के चलते नहीं गए। उन्होंने बताया कि उनके लखनऊ, इलाहाबाद निवासी कई मित्र ईरान में हैं। उनसे हर रोज शाम को बात होती है तो वे बताते हैं कि रात होते ही तेज आवाजें कानों में गूंजने लगती हैं। आसमान में रोशनी से दिल घबराता, तो हाथ बस दुआओं में उठते हैं कि अल्लाह खैर करे। सभी की हिफाजत हो।