आईआईटी से वर्ष 1982 में पढ़कर निकले छात्रों ने रविवार को एक करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा देने का भरोसा दिया। आईआईटी के साथ मिलकर रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करने की बात कही।
आईआईटी के पुरातन छात्रों का सम्मेलन रविवार को संपन्न हुआ। इस मौके पर उद्यमिता अपनाकर बढ़िया मुकाम हासिल करने वाले आईआईटीयंस ने स्टूडेंटों को जॉब देने का भरोसा दिया। डायरेक्टर, डीन और एचओडी के साथ पुरातन छात्रों ने मीटिंग भी की। इसमें कहा गया कि 35 साल पुराने बैच ने अब तक 43 लाख रुपये की गुरु दक्षिणा दी है। इसे बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया जाना चाहिए।
इस पर आईआईटीयंस ने हामी भर दी। यह धनराशि एकत्रित करके चेक के माध्यम से दी जाएगी। इसका इस्तेमाल रिसर्च प्रोजेक्ट और स्कालरशिप पर किया जाएगा। उद्यमिता अपनाने वाले आलोक प्रकाश ने रोजगार विकसित करने का भरोसा दिलाया। कहा कि स्टूडेंटों के कैंपस सेलेक्शन और इंटर्नशिप का इंतजाम कराया जाएगा। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि पूर्व छात्र सम्मेलन सफल रहा है।
पावर कारपोरेशन से प्रोजेक्ट मांगा
निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल के साथ अलग से मीटिंग की। निदेशक ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में रिसर्च की अपार संभावनाएं हैं। पावर कारपोरेशन और आईआईटी कानपुर मिलकर एक साथ काम कर सकते हैं। इस पर संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
डीएसटी भी देगा बनेगा भागीदार
डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा से भी रिसर्च प्रोजेक्ट मांगे गए। इस पर सचिव ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रो. शर्मा आईआईटी कानपुर के शिक्षक हैं। प्रति नियुक्ति पर डीएसटी में तैनाती है। आईआईटी कानपुर से पढ़कर निकले हैं।